Subscribe for notification
Categories: बीच बहस

बीजेपी को बेचैन करने लगे हैं राहुल गांधी के ट्वीट और बयान

राहुल गांधी के ट्वीट से बीजेपी इतनी बेचैन पहले कभी नहीं हुई थी। बीते 8 दिनों में राहुल आक्रामक भी नजर आए हैं और उनकी टाइमिंग भी सही रही है। ट्वीट में उठाए गये मुद्दों का वास्तव में बीजेपी और बीजेपी सरकार सीधे तौर पर जवाब नहीं दे पायी है। वह अतीत के झरोखे से जवाब देने की कोशिशों में उलझी रही। बीजेपी की ओर से इस किस्म की प्रतिक्रिया ने राहुल को राजनीतिक रूप से मजबूत और हमलावर बनाया है। राहुल ने गलवान घाटी पर हमले के बाद विपक्ष के रूप में अपनी पार्टी के तेवर को एक नयी ऊंचाई दी है।

16 जून और 24 जून के बीच राहुल गांधी के कम से कम 15 ट्वीट ने हर दिन सुर्खियां बटोरी हैं और देश में राजनीतिक बहस को दिशा दी है। कोरोना को लेकर फरवरी में राहुल का ट्वीट भी सियासत में मील का पत्थर साबित हुआ है जिसमें मोदी सरकार को समय रहते कोरोना से लड़ाई लड़ने को आगाह किया गया था। राहुल गांधी का ताजा ट्वीट पेट्रोल, डीजल और कोरोना को लेकर है जिस पर जवाब देने में मोदी सरकार को मुश्किलें आ सकती हैं। राहुल गांधी ने कोरोना के मामलों और पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर अब तक का सबसे बड़ा हमला मोदी सरकार पर किया है।

एक ग्राफिक्स के जरिए राहुल ने 1 जनवरी की स्थिति की तुलना 24 जून से की है। ग्राफ दिखाता है कि कोरोना के मरीजों का दैनिक आंकड़ा 1 जून को 8 हजार के करीब था, वह 24 जून को 16 हजार आ पहुंचा है। इसी दौरान पेट्रोल 71 रुपये प्रति लीटर और डीजल करीब 69 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 80 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ पहुंचा है। देश में यह पहला मौका है जब डीजल की कीमत पेट्रोल से अधिक हो गयी है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी राहुल गांधी के इस हमले का जवाब किस तरह से देती है। जवाब देती है  या फिर हमेशा की तरह गांधी परिवार और कांग्रेस पर हमले के साथ सामने आती है।

राहुल ने पूछा, पीएम क्यों कर रहे हैं चीन का समर्थन?

23 जून को भी राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला था। यह हमला भारतीय जमीन हथियाने और पीएम पर भारत और भारतीय सेना का साथ नहीं देने के आरोप के बारे में था। राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि चीन ने हमारी जमीन हथिया ली। भारत उसे वापस लेने के लिए बातचीत कर रहा है। चीन कहता है कि यह भारतीय जमीन नहीं है। प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से चीन के दावे का समर्थन किया है। पीएम क्यों चीन का समर्थन कर रहे हैं भारत और भारतीय सेना का नहीं।

बीजेपी का जवाब- चीन के खिलाफ पूरा देश, दिक्कत बस एक परिवार को

राहुल गांधी के इस हमले से बीजेपी बेचैन हो उठी और अगले ही दिन 24 जून को संबित पात्रा ने सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा कि चीन और पाकिस्तान ने 78 हजार वर्ग किमी की जमीन भारत से छीन ली और कांग्रेस की सरकार ने ऐसा होने दिया। उन्होंने इसके लिए गांधी परिवार को दोषी बताया। इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट कर गांधी परिवार से यह कहते हुए हमला बोला कि चीन के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। केवल एक परिवार को दिक्कत हो रही है।

शहादत को लेकर पीएम लगातार हैं राहुल के निशाने पर

21, 22 और 23 जून को लगातार राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके उस बयान के लिए कठघरे में खड़ा किया जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की सीमा में कोई न घुसा है, न घुसा हुआ है। राहुल ने पूछा कि चीन हमारे सैनिकों को मारा, हमारी जमीन हथिया ली। फिर भी क्यों चीन विवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर रहा है? उन्होंने जानना चाहा कि क्या चीन ने भारतीय जमीन पर कब्जा किया है?

23 जून को राहुल का ट्वीट

22 जून को राहुल का ट्वीट

21 जून को राहुल ने राहुल कंवल की एंकरिंग ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को चुनौती दी…

नरेंद्र-सुरेंद्र मोदी वाले ट्वीट पर बरपा बवाल

21 जून को ही राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को सुरेंद्र मोदी बताते हुए ट्वीट किया। ऐसा लगा मानो अंग्रेजी में सुरेंद्र में एक ‘आर’ छूट गया हो। इसका मतलब होता सरेंडर मोदी। राहुल के इस ट्वीट ने राजनीतिक भूचाल ला दिया। सरेंडर और सुरेंद्र के बीच बीजेपी उलझी रही, वहीं मीडिया कांग्रेस पर हमला बोलता रहा।

पीएम मोदी ने चीन के सामने घुटने टेके- राहुल

20 जून को राहुल ने प्रधानमंत्री पर जोरदार हमला बोला। कहा कि पीएम ने चीनी आक्रामकता के सामने भारतीय क्षेत्र उसे सौंप दिया है। अगर यह जमीन चीन की थी तो हमारे जवान क्यों शहीद हुए, कहां वे शहीद हुए?

पीएम के बचाव में झूठ बोल रहे हैं मंत्री- राहुल

19 जून को राहुल गांधी ने भारत के मंत्री पर आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री के बयान का बचाव करने के लिए झूठ बोल रहे हैं। गलवान घाटी में बहादुरी से लड़े एक सैनिक परिवार के बुजुर्ग का बयान साझा किया जिसे सुनने से पता चलता है कि भारतीय जवानों के पास कोई हथियार नहीं थे जब चीन से उनकी आमने-सामने की लड़ाई और शहादत हुई।

आक्रमण सुनियोजित, सो रही थी सरकार, जवानों ने चुकायी कीमत- राहुल गांधी

19 जून को ही राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि यह साफ है कि गलवान में चीन का आक्रमण सुनियोजित था और भारत सरकार सो रही थी। इसकी कीमत शहादत के रूप में जवानों ने चुकायी है।

सैनिकों को निहत्था भेजने के राहुल के आरोप पर भी बरपा बवाल

इससे पहले 18 जून को राहुल गांधी ने 18 सेकेंड का एक वीडियो जारी करते हुए केंद्र सरकार से पूछा था कि 20 जवानों की हत्या के लिए, उन्हें निहत्था लड़ने भेजने के लिए और चीन की बर्बरता के लिए कौन जिम्मेदार है?

18 जून को ही राहुल गांधी ने एक अन्य ट्वीट में पूछा था कि हमारे निहत्थे सैनिकों को मारने की हिम्मत चीन को कैसे हुई? क्यों हमारे सैनिक निहत्थे शहादत के लिए भेजे गये?

राहुल के 5 सवालों का जवाब अब तक नहीं दे पायी बीजेपी

17 जून को राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। उस ट्वीट का जवाब देते हुए राहुल ने पांच सवाल उठाए थे।

  • आपके ट्वीट में चीन का नाम क्यों नहीं है?
  • श्रद्धांजलि देने में दो दिन क्यों लगे?
  • जब जवानों की शहादत के बाद भी रैलियां क्यों हुईं?
  • क्रोनी मीडिया क्यों सैनिकों को कसूरवार ठहरा रहा है और तथ्यों को छिपा रहा है?
  • पेड मीडिया भारत सरकार के बजाए सेना को दोषी क्यों ठहरा रहा है?

राहुल गांधी के इन सवालों का जवाब बीजेपी वास्तव में अब तक नहीं दे पायी है। सीधा जवाब देने के बजाए उल्टे हमले किए जा रहे हैं।

जब राहुल ने शहादत पर पीएम की चुप्पी पर उठाए सवाल

17 जून को राहुल दो ट्वीट करते हैं। एक में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं। दूसरे में वे पूछते हैं कि पीएम चुप क्यों हैं, सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?

16 जून को राहुल गांधी ने शहादत की खबर के बाद दिवंगत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। तब तक बीजेपी के नेता, मंत्री, प्रधानमंत्री किसी ने शहीदों को श्रद्धांजलि नहीं दी थी।

15 जून की रात गलवान घाटी में शहादत के बाद से राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने एक से बढ़कर एक सवाल पूछे हैं और उसके बाद बीजेपी ने राहुल और गांधी परिवार पर जवाबी हमला बोला है। जिस राहुल को बीजेपी पप्पू बताती रही थी, उसी राहुल के ट्वीट से बीजेपी इतनी बेचैन क्यों दिख रही है, समझ से परे है। सबसे अधिक आश्चर्य इस बात का है कि सवालों का जवाब देने से न सिर्फ सरकार कतरा रही है, बल्कि बीजेपी भी मुंह चुरा रही है। सवाल पूछकर सवालों का जवाब दिया जा रहा है। क्या बीजेपी और उसकी सरकार के पास राहुल के सवालों का जवाब नहीं है?

(प्रेम कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल आप के विभिन्न चैनलों के पैनल में बहस करते देखा जा सकता है।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on June 24, 2020 9:46 pm

Share