संस्कृति-समाज

‘मैं बर्बाद होना चाहती हूँ’ के माध्यम से स्त्री प्रश्न और दलित प्रश्न पर कुछ नोट्स 

“मैं किस लिए इतनी विवश हूँ? उससे पिटकर, प्रताड़ित होकर, उसकी गालियां खाकर भी दुबारा उसी को… Read More

सतीश गुजराल : राजनीतिक त्रासदी और जीवन की उम्मीदों का चित्रकार

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, दिल्ली में चित्रकार सतीश गुजराल की जन्मशती पर उनके चित्रों की प्रदर्शनी चल… Read More

‘जलेश्वर जी ने ‘आज’ अखबार में काम करते पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी तैयार की’ 

(जनबुद्धिजीवी, वरिष्ठ पत्रकार और संस्कृतिकर्मी जलेश्वर जी आज नहीं रहे। उन्होंने बनारस में अंतिम सांस ली। उनकी… Read More

डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी का अजय भवन आगमन: बुढ़ापे का सौन्दर्य होता है लेकिन सौन्दर्य कभी बूढ़ा नहीं होता

फ़रवरी के महीने में भी दिल्ली में सर्दी बहुत थी । जिस दिन मैं  विश्वनाथ त्रिपाठी जी… Read More

केएन पणिक्कर: इतिहास की जमीन पर सांस्कृतिक मूल्यों की पड़ताल करने वाले इतिहासकार

मार्क्सवादी इतिहासकार केएन पणिक्कर हमारे बीच नहीं रहे। 90 साल की आयु में वह तिरुवनंतपुरम में रह… Read More