संस्कृति-समाज

पुस्तक समीक्षा: ‘अधूरे’ एक रूपक है, इंसानी ज़िंदगी के अधूरेपन का

‘अधूरे’ तेलुगु कहानी संग्रह है, जिसका हिंदी अनुवाद डॉ. एस.के. साबिरा ने किया है। संग्रह की सारी… Read More

आपातकाल की स्थितियों को समझने के लिए इतिहास को जानना जरूरी : ज्ञान प्रकाश

नई दिल्ली। सत्तर के दशक में आपातकाल लगाने के पीछे इंदिरा गांधी की सत्ता में बने रहने… Read More

‘जंगलनामा-बस्तरां दे जंगल बिच’: एक कम्युनिस्ट कार्यकर्ता का सफरनामा

जंगलनामा-बस्तरां दे जंगल बिच, यह इस किताब का पंजाबी शीर्षक है जो सन 2004 में छपी थी।… Read More

स्वतंत्रता दिवस विशेष: जब लेखकों-कलाकारों ने अवाम में जगाया आज़ादी का अलख

देश की आज़ादी लाखों-लाख लोगों की क़ुर्बानियों का नतीजा है। जिसमें लेखक, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों ने भी… Read More