संस्कृति-समाज

‘कफन’ की सफलता-असफलता और कहानी के पाठ की समस्या

‘जनचौक’ पर प्रेमचंद की बहुचर्चित और बहुविवादित कहानी ‘कफन’ पर डा. सिद्धार्थ की समीक्षा को पढ़ा। वह… Read More

फिल्म समीक्षा: उम्मीद जगाती एक उत्कृष्ट फिल्म ‘मानिक बाबूर‌‌ मेघ’

मसाला फिल्मों की भीड़ में जगह बनाना सबसे मुश्किल काम है। ऐसे में कोई फिल्म तमाम दिक्कतों… Read More

प्रेमचंद के साहित्य में प्रतिरोध के स्वर

हिन्दी-उर्दू साहित्य में कथाकार प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने साहित्य की पूरी… Read More

ग्राउंड रिपोर्टः मुंशी प्रेमचंद के लमही में उनका घर ही नहीं, समूची साहित्यिक विरासत भी चाट रहे दीमक!

समाज के वंचित समुदाय के शोषण, अन्याय और उत्पीड़न को अपनी कहानियों में जिंदा रखने वाले कथा सम्राट… Read More

लोकजतन सम्मान 2024: शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान में कहानी उर्दू ज़बान की

भोपाल। जनोन्मुखी पत्रकारिता के प्रति समर्पित, साहित्य धर्मी एवं पत्रकारिता के उच्चतर मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध देशबन्धु… Read More

फिलिस्तीन के हालात पर दुनिया की खामोशी इंसानियत की हार है : नासिरा शर्मा

पुस्तक- ‘फिलिस्तीन: एक नया कर्बला का लोकार्पण ‘ नई दिल्ली। इजरायल-फिलिस्तीन का विवाद मूल रूप से धार्मिक नहीं… Read More