संस्कृति-समाज

जन्मदिवस पर विशेष : प्रेमचंद का साहित्य ही बन गया था आज़ादी की लड़ाई की मशाल

इतिहास के जिस दौर में प्रेमचंद ने कथा-लेखन की शुरुआत की, उस समय उनके समक्ष दो तरह… Read More

निर्णायक और नेतृत्वकारी भूमिका में रहे हैं प्रेमचंद के स्त्री पात्र

विवादों के कारण ही सही प्रेमचंद का साहित्य फिर से ज़ेरे बहस है। दलित साहित्य के लेखकों… Read More

लालू प्रसाद के भाषणों की किताब: तब जब बिहार चुनाव है, राम मंदिर बन रहा है और राज्यपाल का पद फिर चर्चे में है!

नई दिल्ली। एक ऐसे मौके पर जब बिहार चुनाव के पहले सत्ता पक्ष लालू प्रसाद और उनके… Read More

राम मंदिर निर्माण से पहले उत्तर भारत पहुंची ‘सच्ची रामायण’, पेरियार और पोंगापंथ का होगा आमना-सामना

(भारतीय विधायिका और न्यायपालिका ने मिलकर पिछले दिनों ऐसा परिदृश्य बनाने की कोशिश की मानो राम भारत… Read More

पुण्यतिथि पर विशेष: ‘नीरज’ तो कल यहां न होगा, लेकिन उसका गीत-विधान रहेगा

‘‘कहानी बन कर जिए हैं इस जमाने में/सदियां लग जाएंगी हमें भुलाने में/आज भी होती है दुनिया… Read More