बीच बहस

राष्ट्रपति को किसी अन्य का लिखा अभिभाषण पढ़ने के बोझ से मुक्ति मिलनी चाहिए?

हमारे देश में राष्ट्रपति को प्रथम नागरिक का स्थान और सर्वोच्च संवैधानिक हैसियत प्राप्त है। इसका चाहे… Read More

राजनीतिक यथार्थ गूंगा नहीं है, राजनेताओं का लोकतांत्रिक बोध क्या बहरा है! 

समझदार लोगों ने बार-बार कहा है, देश कागज पर खींचा हुआ लकीर या नक्शा ही नहीं होता… Read More

फॉक्सकॉन और विवाहित महिलाएं : प्रिय पुरुषों, आप कार्यस्थल पर चमक सकें, इसके लिए आपकी पत्नियों ने क्या-क्या त्यागा? 

वर्षों तक, ‘प्रगतिशील पुरुष’ ‘महिलाओं को कार्य करने देने’ के लिए प्रशंसा पाते रहे हैं जबकि हमेशा… Read More