‘राष्ट्र’ या ‘महानता’ के संकल्पों में नहीं, कल-कारखानों और खेत-खलिहानों में बसता है देश

1970 में अपनी पहली छपी किताब ‘लोह कथा’ की पहली कविता ‘भारत’ में पाश ने लिखा था: … Read More