Monday, October 18, 2021

Add News

केंद्र के लगातार घेरेबंदी से परेशान एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भारत में बंद किया अपना काम

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लगातार निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपने भारत के पूरे काम को रोक दिया है। एक बयान में मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि उसके बैंक के खाते पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं जिससे जमीन पर जारी उसके सारे काम रुक गए हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अविनाश कुमार ने बताया कि “एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया पर पिछले दो सालों से लगातार जारी हमला और बैंक खातों को पूरी तरह से बंद किया जाना एकाएक नहीं हुआ है। ईडी समेत सरकारी एजेंसियों द्वारा लगातार किया जा रहा उत्पीड़न हमारी सरकार से पारदर्शिता और दिल्ली दंगों तथा जम्मू-कश्मीर में गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन के मसले पर दिल्ली पुलिस और भारत सरकार से जवाबदेही की मांग का नतीजा है। एक ऐसे आंदोलन के लिए जिसने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के सिवा कुछ नहीं किया है उस पर यह हालिया हमला असहमति को बिल्कुल दबा देने के समान है।”

 यह अभी साफ नहीं है कि एमनेस्टी की भारतीय शाखा ने क्या खास किस्म का उल्लंघन किया है लेकिन संगठन का कहना है कि वह सभी कानूनों का पालन कर रहा था और वह सरकार द्वारा उसके फंड जुटाने के तरीके को मनी लांडरिंग करार दिए जाने का विरोध कर रहा था?

हाल में विभिन्न सिविल सोसाइटी से जुड़े संगठनों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से एफसीआरए विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करने की अपील की थी। यह विधेयक एनजीओ को बेहद गलत रूप में पेश करता है।

भारतीय एनजीओ की एक शीर्ष संस्था वाल्यूंटरी एक्शन नेटवर्क इंडिया (वानी) ने बताया कि विधेयक बगैर किसी बातचीत और लोगों से संपर्क किए हुए पास कर दिया गया। पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) की पूनम मुतरेजा ने कहा कि यह एनजीओ सेक्टर के बारे में एक नकारात्मक छवि बनाता है। जिसमें इस बात का भय है कि एक बार अगर यह कानून बन जाता है तो कोई भी सरकार वह किसी भी दल की हो उसे शायद ही समाप्त कर पाए।

मुतरेजा ने कहा कि हालांकि विधेयक एनजीओ को गलत रूप में पेश करता है लेकिन सच्चाई यही है कि जब कोविड महामारी फैली तो सबसे पहले लोगों को एनजीओ ही याद आए वह सरकार हो या कि आम जनता।

सरकार का कहना है कि प्रस्तावित कानून का लक्ष्य चीजों को पारदर्शी बनाना है न कि वह एनजीओ के खिलाफ है।  

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

किसानों का कल देशव्यापी रेल जाम

संयुक्त किसान मोर्चा ने 3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी किसान नरसंहार मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.