30.1 C
Delhi
Tuesday, September 28, 2021

Add News

एफएआरए के तहत अमेरिका में भी रजिस्टर हो गयी बीजेपी, अब खुलकर चलाएगी गतिविधियां

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

नई दिल्ली। बीजेपी भारत की मुख्यधारा की पहली राजनीतिक पार्टी बन गयी है जिसने खुद को अमेरिका में प्रिंसिपल विदेशी संगठन के तौर पर नामित किया है। इस  काम को ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी (ओएफबीजेपी) के नाम से गठित बीजेपी के अमेरिका में रहने वाले मित्रों ने अंजाम दिया है। यह रजिस्ट्रेशन अमेरिका में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के तहत आने वाले 1938 के फोरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (एफएआरए या फारा) के तहत हुआ है। ओएफबीजेपी के द्वारा भरे गए रजिस्ट्रेशन बयान के मुताबिक रजिस्ट्रेशन 27 अगस्त 2020 को हुआ है।

बताया जा रहा है कि फारा के लिए “ऐसे प्रतिनिधि जो एक राजनीतिक या फिर अर्ध राजनीतिक क्षमता में किसी विदेशी शक्ति के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं उनके लिए विदेशी सरकार के साथ रिश्तों और संबंधित वित्त की सूचना का खुलासा करना जरूरी है।”

बीजेपी के विदेशी सेल के चीफ विजय चौथाईवाले  ने इस बात की पुष्टि की कि रजिस्ट्रेशन हो गया है। उन्होंने कहा कि “ओएफबीजेपी ने खुद को एफएआरए के तहत स्वेच्छा से रजिस्ट्रर्ड करवा लिया है।”

द हिंदू के हवाले से आयी खबर के मुताबिक चौथाईवाले ने कहा कि हालांकि बीजेपी और ओएफबीजीपी ने किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं किया है। और सभी बैठकें और गतिविधियां ओफबीजपी द्वारा आयोजित की जाती हैं और सब कुछ वाल्यूंटरी आधार पर होता है। ऐसा महसूस किया गया कि एफएआरए के तहत रजिस्टर कराना बेहतर होगा और ओएफबीजेपी ने इस सिलसिले में वकीलों से भी संपर्क किया था।

गतिविधियों और सेवाओं के सिलसिले में ओएफबीजेपी का कहना है कि अपनी पहल पर प्रिंसिपल यानी बीजेपी को प्राथमिक तौर पर समर्थन देना इसका बुनियादी लक्ष्य है। और अपने इन प्रयासों के लिए वह किसी भी तरह का पैसा नहीं हासिल करती है। रजिस्टर करने वाले बीजेपी के पदाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में होते हैं। और समय-समय पर इन बीजेपी पदाधिकारियों के निर्देश पर काम करते हैं। खास कर ऐसा तब होता है जब इवेंट की योजना बनानी हो या फिर अमेरिका में कोई प्रचार सामग्री बांटनी हो।

रजिस्ट्रेशन के बाद ओएफबीजेपी को अमेरिकी विधि निर्माताओं के साथ बैठकें, इवेंट के आयोजन या फिर अमेरिकी समूहों के जरिये फंडिंग को घोषित करना होगा।अमेरिकी चुनाव के दौरान एफबीजेपी सदस्य सांगठनिक सहयोग नहीं कर सकते हैं क्योंकि तब इसे विदेशी दखल के तौर पर देखा जाएगा। दरअसल चौथीईवाले ने पिछले महीने ओएफबीजेपी को पत्र लिखकर कहा था कि इस विभाजन का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

इस एक्ट के तहत अब तक रजिस्टर्ड ज्यादातर इकाइयां कानून, लॉबी या पब्लिक रिलेशंस फर्म हैं जिनका भारतीय दूतावास या फिर टूरिज्म डिपार्टमेंट इस्तेमाल करता है। एक अज्ञात राजनीतिक पार्टी (डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) और एक टीवी चैनल भी रजिस्टर्ड हुआ है।

इसके अलावा पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) तथा बांग्लादेश की विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) दक्षिण एशियाई पड़ोसियों से जुड़ी कुछ दूसरी पार्टियां हैं जिनका एफएआरए के तहत रजिस्ट्रेशन हुआ है।

BJP-FARA

हालांकि चौथाईवाले ने इस बात पर टिप्पणी नहीं की कि उन्हें बीजेपी को फारा के तहत रजिस्टर्ड कराने के लिए तत्काल किस बात ने प्रेरित किया। जबकि यह एक्ट 1938 से अमेरिका में मौजूद है। बताया जा रहा है कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने घोषणा की थी कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों और संगठनों की जांच करेगा और उन्हें नोटिस भेजेगा। और फिर इस तरह से उनको विदेशी इकाइयों की तरफ से संदिग्ध एजेंट के तौर पर चिन्हित किया जाएगा। और फिर उन पर रोक लगायी जाएगी।

बीजेपी ने हालांकि इस तरह की किसी नोटिस से इंकार किया है।

फारा रजिस्ट्रेशन की कॉपी जनचौक के पास मौजूद है। इसमें तीन लोगों का नाम प्रमुखता से दर्ज किया गया है। जिनमें राम कृष्ण रेड्डी अनुगुला, अदापा वी प्रसाद और वासुदेव पटेल शामिल हैं। 26 अगस्त के इस फार्म पर इन लोगों के हस्ताक्षर भी हैं। इसके साथ ही पदाधिकारी के तौर पर वासुदेव पटेल को संगठन सचिव बनाया गया है। जबकि अदापा प्रसाद उपाध्यक्ष के तौर पर दर्ज हैं। राम कृष्ण रेड्डी अध्यक्ष हैं। इसके अलावा कई महासचिव बनाए गए हैं। सतीश शर्मा खजांची हैं जबकि रघुवीर रेड्डी संयुक्त खजांची हैं।

हालांकि चौथाईवाले ने कहा है कि किसी भी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं होता है। लेकिन इसमें पार्टी की तमाम गतिविधियों में हुए खर्चों का ब्योरा दिया गया है। जिसमें बैठक से लेकर यात्रा और इवेंट के आयोजन तक की गतिविधियां शामिल हैं। किसी में एक हजार डालर का खर्च बताया गया है तो किसी में 150 डॉलर। 20 अगस्त, 2018 को राजभोग रेस्तरां में हुए एक आयोजन में 60,000 डॉलर का खर्च दिखाया गया है। यह खर्च भोजन और पेय पदार्थ के नाम से दर्ज है।  

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी कांग्रेस में शामिल

"कांग्रेस को निडर लोगों की ज़रूरत है। बहुत सारे लोग हैं जो डर नहीं रहे हैं… कांग्रेस के बाहर...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.