Monday, July 4, 2022

political

अम्बेडकर को देवता बनाकर उनके सिद्धांतों को दरकिनार करने की साजिश

पिछले सालों की तरह इस साल भी विभिन्न राजनैतिक दलों और संगठनों ने 14 अप्रैल को जोर-शोर से अम्बेडकर जयंती मनाई। पिछले कुछ दशकों से लगभग सभी राजनैतिक दलों में सामाजिक न्याय के इस प्रतिबद्ध हिमायती के प्रति जबरदस्त...

आने वाले समय में बढ़ जाएगी राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों की तादाद 

भारत में इस समय आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त कुल सात राजनीतिक दल हैं, लेकिन आने वाले समय में इनकी संख्या में इजाफा हो सकता है। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के...

सीपीएम की 23वीं कांग्रेस: अन्तर्विरोधों और द्वंद्वों की सही समझ के आधार पर पूरे मसौदा दस्तावेज का होना चाहिए पुनर्लेखन!

सीपीआई(एम) की 23वीं कांग्रेस केरल के कन्नूर शहर में आगामी 6-10 अप्रैल 2022 को होने जा रही है। इस कांग्रेस में बहस के लिए पार्टी की केंद्रीय कमेटी ने राजनीतिक प्रस्ताव का एक मसौदा जारी किया है। आगे एक...

नॉर्थ ईस्ट डायरी: मणिपुर में कांग्रेस ने वामपंथी राजनीतिक दलों के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन किया

मणिपुर में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को 27 फरवरी और 3 मार्च को दो चरणों में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पांच वामपंथी राजनीतिक दलों के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की घोषणा की। गठबंधन में वामपंथी दल...

आगरा जिले की 9 विधानसभा सीटों की चीर-फाड़

आगरा जिले में 9 विधानसभा सीटें हैं। आगरा कैंट, आगरा (नार्थ) उत्तर, आगरा (साउथ) दक्षिणी, आगरा ग्रामीण, बाह, एत्मादपुर, फतेहाबाद, फतेहपुरी सीकरी और खेरागढ़। इसमें आगरा कैंट और आगरा ग्रामीण अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित सीट है। ताजनगरी आगरा...

नॉर्थ ईस्ट डायरी: मणिपुर की चुनावी जंग में उग्रवाद और राजनीतिक अस्थिरता अहम मुद्दे

मणिपुर राजनीतिक अस्थिरता के साये में दो चरणों में 27 फरवरी और 3 मार्च को एक नई विधानसभा के लिए मतदान करेगा, जहां पिछले पांच वर्षों में कई विधायकों ने पक्ष बदल लिया है, इस्तीफा दे दिया है या...

उत्तराखण्ड में राजनीतिक अस्थिरता सबसे बड़ी देन है भाजपा की

उत्तराखण्ड की सत्ता में वापसी के लिये जी तोड़ कोशिशें कर रही भारतीय जनता पार्टी के सामने विधानसभा के चुनावी समर में कुछ ऐसे यक्ष प्रश्न खड़े हैं जिनका सही जवाब न मिलने पर धर्मराज युद्धिष्ठर के चार भाइयों...

उत्तराखंड क्यों दलितों के लिये सबसे खतरनाक जगह है?

कई बार कह चुका हूँ कि उत्तराखंड दलितों के लिये सबसे खतरनाक जगह बन गयी है, क्योंकि यहाँ दलित उत्पीड़न एक सामाजिक सांस्कृतिक ताने बाने (फेब्रिक) की स्वाभाविक पैदाइश और आवृत्ति तो है ही साथ ही सरकारें खुले तौर...

बीजेपी-संघ ने बना दिया है शाकाहार-मांसाहार को राजनैतिक एजेंडा

हाल (दिसंबर, 2021) में अहमदाबाद नगर निगम की नगर नियोजन समिति ने घोषणा की कि शहर में सार्वजनिक सड़कों और स्कूल, कालेज व धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में मांसाहारी खाद्य पदार्थ बेचने वाले स्टाल नहीं लगने...

किसान आंदोलन ने बदला देश का राजनैतिक एजेंडा: तपन सेन

कोरबा। किसान आंदोलन ने देश का राजनैतिक एजेंडा बदल दिया है। इस आंदोलन ने दिखा दिया है कि कॉर्पोरेट लूट को रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए मजदूर-किसान एकता को मजबूत बनाते हुए वर्ग संघर्ष तेज करना होगा।...
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उदयपुर, कश्मीर आरोपियों के भाजपा से रिश्तों पर इतनी हैरत किस लिए है?

उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की गला काटकर हत्या करते हुए खुद ही उसका वीडियो बनाने वाले  मोहम्मद रियाज अत्तारी के...
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