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भारतीय मीडिया ने भले ब्लैकआउट किया हो, लेकिन विदेशी मीडिया में छाया रहा किसानों का ‘भारत बंद’

भारत के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने पूरी तरह से किसानों के देशव्यापी ‘भारत बंद’, चक्का जाम और विरोध रैली को ब्लैक आउट कर दिया। लेकिन दुनिया के तमाम देशों की मीडिया में भारतीय किसानों के विरोध-प्रदर्शन को प्रमुखता से स्थान दिया गया।

अमेरिका के प्रमुख और लब्धप्रतिष्ठ अख़बार ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने आज भारत में हुए किसानों के विरोध-प्रदर्शन को प्रमुखता देते हुए “Indian farmers protest, fear exploitation by private players” शीर्षक से खबर छापा है।

इसी शीर्षक से एक और अमेरिकी अख़बार Valdosta Daily Times ने भी भारतीय किसानों के आज के विरोध-प्रदर्शन पर रिपोर्टिंग की है।

इसी शीर्षक से एक सिऑक्स सिटी जर्नल्स ने भी भारतीय किसानों द्वारा कृषि विधेयक के खिलाफ़ बुलाए गए ‘भारत बंद’ को जगह दी है।

पाकिस्तान के अख़बार ‘द डेली टाइम्स’ ने भी भारतीय किसानों के विरोध प्रदर्शन पर रिपोर्ट प्रकाशित की है। जिसकी शीर्षक ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ वाला ही है।

फोर्ब्स और रॉयटर्स ने भी भारतीय किसानों के आज के प्रोटेस्ट को प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

क़तर समेत गल्फ की प्रमुख न्यूज एजेंसी अलज़जीरा ने भी भारतीय किसानों की आवाज़ को अपने यहां जगह दी है। अलजजीरा का हेडलाइन है– ‘ Why Indian farmers are protesting against new farm bills’ यानी नये कृषि विधेयक का भारतीय किसान क्यों विरोध कर रहे हैं?

फ्रांस के न्यूज पेपर ‘फ्रांस 24’ ने Farmers block rails and roads in India to protest new bills यानी ‘नये विधेयकों के विरोध में किसानों ने रेलें और सड़कें रोकीं’ को हेडलाइन बनाते हुए विस्तृत रिपोर्ट छापी है।

रूस के प्रमुख न्यूज पेपर RT News ने  “Indian farmers block roads & railways in protest over controversial grain trade bills ” हेडलाइन से भारत में आज हुए किसानों के विरोध प्रदर्शन को प्रकाशित किया है।

चुनाव आयोग और एनसीबी हेड राकेश अस्थाना ने मोदी सरकार की पूरी मदद की

चुनाव आयोग और एनसीबी हेड राकेश अस्थाना ने मोदी सरकार की पूरी मदद करते हुए इस बात का पूरा ख्याल रखा कि भारत की जनता का ध्यान किसानों के मुद्दे पर न जाए। इसके लिए जहां राकेश अस्थाना के अधीनस्थ एनसीबी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण को पूछताछ के लिए 25 तारीख जो कि किसानों ने ‘भारत बंद’ के लिए चुना था पर भेजा ताकि मीडिया बँटी रहे। या दीपिका पादुकोण से पूछताछ को ज़्यादा तवज्जो दे।

हालांकि दीपिका पादुकोण ने 24 सितंबर की शाम को ही क्लियर कर दिया था कि वो शहर से बाहर होने के नाते 25 सितंबर को पूछ ताछ के लिए एनसीबी की ऑफिस नहीं पहुंच पाएंगी और 26 सितंबर को एनसीबी दफ्तर जाएंगी। बावजूद इसके इक्का-दुक्का न्यूज चैनलों को छोड़कर अधिकांश न्यूज चैनल में सारा दिन दीपिका पादुकोण से पूछताछ और ड्रग्स का मसला ही छाया रहा।

दोपहर आते-आते भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित करके किसानों के मसले को मीड़िया के कैमरे से ही बाहर कर दिया।

शाम और प्राइम टाइम की तमाम टीवी शो में आज बिहार चुनाव और दीपिका पादुकोण से पूछताछ का मसला छाया रहा। कह सकते हैं कि किसानों के देशव्यापी भारत बंद को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने पूरी तरह से ब्लैकआउट कर दिया।

वहीं सोशल मीडिया पर आज सारा दिन #BharatBandh, #IStandWithFarmers पहले स्थान पर ट्रेंड करता रहा। शाम होते-होते किसान विरोधी लोगों ने ‘#भारत_बंद_नहीं_है’ भी ट्रेंड कराने की नाकाम कोशिश की।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on October 4, 2020 1:03 pm

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