Monday, October 18, 2021

Add News

छत्तीसगढ़: बीजेपी सरकार में पेड़ों की अवैध कटाई के आरोपी की याचिका हाई कोर्ट से खारिज

ज़रूर पढ़े

रायपुर। बैलाडिला लौह अयस्क खदान क्षेत्र के डिपोजिट 13 में हुई पेड़ों की अवैध कटान के मामले में उच्च न्यायालय बिलासपुर ने आरोपी की अर्जी को खारिज कर दिया है। आरोपी वीएस प्रभाकर, तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनसीएल कंपनी किरन्दुल के खिलाफ वन विभाग ने मामला दर्ज किया था। इसके खिलाफ आरोपी ने अर्जी दाखिल की थी।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनसीएल के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीएस प्रभाकर (58) को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उन्हें जिले के बचेली स्थित स्थानीय अदालत में पेश किया गया था। प्रभाकर वर्तमान में हैदराबाद स्थित एनएमडीसी कार्यालय में कार्यपालिक निदेशक पद पर पदस्थ हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जब राज्य में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में थी, तब संयुक्त उद्यम कंपनी एनसीएल द्वारा बैलाडीला के 10 एमटीपीए की क्षमता वाले डिपोजिट नंबर 13 के लौह अयस्क खदान को विकसित किया जा रहा था। खुदाई और खान विकास का ठेका अदानी इंटरप्राइजेस लिमिटेड को दिया गया था।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इस क्षेत्र में वनों की कटाई की जांच से पता चला कि एनसीएल के तत्कालीन सीईओ प्रभाकर ने कथित रूप से पेड़ों की कटाई के लिए अनधिकृत तरीके से निविदा जारी की थी।

अधिकारियों ने बताया कि एनसीएल ने खनन स्थल के लिए एप्रोच रोड बनाने के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति मांगी थी। रायपुर स्थित वन विभाग के प्रधान कार्यालय ने 25400 पेड़ों को काटने की अनुमति दी थी। पेड़ों की कटाई तय नियम के अनुसार किया जाना था।

प्रभाकर ने वन भूमि की कटाई के लिए अखबारों में विज्ञापन जारी किया और पिछले साल जनवरी माह में एक निजी ठेकेदार बीके लाला को काम आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद इस क्षेत्र में कुल 582 पेड़ों को काट दिया गया। इसके कारण विभाग को चार लाख 57 हजार 830 रुपये का नुकसान हुआ।

बाद में मई में भारतीय वन अधिनियम और अन्य अधिनियमों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया तथा मामले की जांच शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को जब प्रभाकर, दंतेवाड़ा में अपना बयान दर्ज कराने आए थे तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें बचेली की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रभाकर को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उधर एनएमडीसी के अधिकारियों ने कहा है कि वन विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए पेड़ों की कटाई की गई थी। पिछले वर्ष जून माह में आदिवासियों ने बैलाडीला के डिपाजिट नंबर 13 में खुदाई के विरोध में प्रदर्शन किया था। आदिवासियों के प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने यहां खनन से संबंधित सभी कार्यों को रोक दिया था।

राज्य सरकार ने आदिवासियों की मांग पर वर्ष 2014 में कथित फर्जी ‘ग्रामसभा’ की जांच का आदेश दिया था। आदिवासियों ने यहां वनों की अवैध कटाई की भी शिकायत की थी। हाल ही में दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रस्तावित परियोजना के लिए जुलाई वर्ष 2014 को बचेली तहसील के हिरोली गांव में आयोजित ‘ग्रामसभा’ नियमों के खिलाफ थी।

आरोपी वीएस प्रभाकर ने न्यायालय के उपरोक्त निर्णय के खिलाफ जारी वन अपराध प्रकरणों को समाप्त करने के लिए हाई कोर्ट बिलासपुर में रिट दाखिल की थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी द्वारा प्रस्तुत वाद को निरस्त कर दिया है।

(जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

किसानों का कल देशव्यापी रेल जाम

संयुक्त किसान मोर्चा ने 3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी किसान नरसंहार मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.