Tuesday, October 26, 2021

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Civil Society

राजनीति की पवित्रता

सिविल सोसाइटी की अहमियत राजनीतिक दलों से ऊपर है। अन्य देशों में इसे प्रेशर ग्रुप के नाम से लोकतंत्र का सबसे प्रभावशाली टूल माना गया है। राजनीतिक दल अपनी नीतियां घोषित करते हैं तथा सरकार मिलने पर उन नीतियों...

कलीम के समर्थन में एकजुट हुईं अहम हस्तियां, सीएए की मुखालफत करने पर अहमदाबाद पुलिस ने भेजा है तड़ीपार का नोटिस

अहमदाबाद। कलीम सिद्दीकी के पक्ष में देश भर की सिविल सोसाइटी के लोग एकजुट हो रहे हैं। इतिहासकार राम चंद्र गुहा, एमनेस्टी इंटरनेशनल के पूर्व चेयरमैन आकार पटेल, पूर्व अंबेस्डर मधुर भदूरी, मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित संदीप पांडेय और...

कुछ और शख्सियतों की उठी प्रशांत के पक्ष में आवाज, कहा- जजों के सत्ता के करीब जाने से न्याय पालिका से भरोसा उठने का...

भारत में मानव-अधिकारों और जनहित के लिए प्रख्यात वकील प्रशांत भूषण पर अवमानना की कार्रवाई को लेकर स्वराज अभियान ने बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि उच्चतम न्यायलय द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की जा रही...

कोरोना बन गया है लोकतंत्र के लिए कहर

बिहार विधानसभा के चुनाव को टालने की मांग अब मुखर होने लगी है। इसके विरोध में बुद्धिजीवी और नागरिक समाज के लोग एकजुट हो रहे हैं। इन सभी ने चुनाव आयोग को संबोधित ज्ञापन राज्य चुनाव अधिकारी के मार्फत...

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ उत्तराखंड के राजनेताओं, जन संगठनों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों का जनता के नाम खुला खत

(उत्तराखंड में भी एनआरसी और सीएए के खिलाफ लोगों का प्रतिरोध जारी है। अब तक राजधानी देहरादून में इसके खिलाफ कई प्रदर्शन हो चुके हैं। इस बीच तमाम राजनीतिक दलों के नेता, नागरिक समाज के लोग और बुद्धिजीवियों ने...

सवाल नागरिकता खोने का नहीं, नागरिक होने का है

देश भर में लगातार नागरिकता को लेकर बहस और आंदोलन जारी है। नागरिकता कानून में संशोधन से आगे जनगणना रजिस्टर और नागरिकता रजिस्टर को लेकर उपजे भय और संशय के चलते देश के हर भाग में लगातार लोग सड़कों...

यह लड़ाई फासीवादी सरकार के विरुद्ध लोकतंत्र की है

फासीवादी सरकार, लोकतंत्र, विरोध प्रदर्शन, नागरिकता कानून, दमन, आंदोलन, सीएए, एनआरसी, एनआरपी, सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली, नागरिक समाज, हिंदुत्व का राष्ट्रवाद, सावरकर, Idea of India, भारतीय संविधान, हम भारत के लोग, नागरिकता संशोधन कानून और नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ...

मुसलमानों के बाद दलितों और फिर महिलाओं के खिलाफ आएगा फासीवाद

एनआरसी-सीएए-एनपीआर के खिलाफ़ विरोध का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। अब समाजसेवी, पर्यावरणविद, आर्टिस्ट और नागरिक समाज के लोग एनआरसी-सीएए के खिलाफ़ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।  जामिया निवासी समाज सेविका टीएन भारती हाथों में महात्मा बुद्ध, अबुल...
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में रिश्वत के दोषी पाए गए एक जिला एवं सत्र न्यायाधीश की फाइल पर चार साल से कार्रवाई नहीं

उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल भले ही राजनेताओं के खिलाफ आपराधिक मामलों के समयबद्ध निपटान का संकल्प व्यक्त किया...
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