Saturday, May 28, 2022

emergency

आखिर मोदी को ही आपातकाल की याद इतनी क्यों सताती है?

सैंतालीस साल यानि करीब साढ़े चार दशक पुराने आपातकाल के कालखंड को हर साल 25-26 जून को याद किया जाता है, लेकिन पिछले सात-आठ साल से उस दौर को सत्ता के शीर्ष से कुछ ज्यादा ही याद किया जा...

क्या यूपी में कांग्रेस जीत पाएगी महिलाओं का दिल?

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जातिगत राजनीति के बजाय महिलागत राजनीति करना ये कांग्रेस की रणनीति से ज्यादा मजबूरी है। पिछले चार दशक से प्रदेश के मुख्य चार जातिगत समीकरण, मुस्लिम, पिछड़ा, उच्च जाति तथा ओबीसी तबके...

बेहद दिलचस्प है ‘गूंगी गुड़िया’ से कुशल राजनेता बनने का इंदिरा का सफर

स्वातंत्र्योत्तर भारत के इतिहास में इंदिरा गांधी एक विलक्षण व्यक्तित्व की राजनेता थीं। वे भारत के प्रधानमंत्री के पद पर 1966 से लेकर 1977 और फिर 1980 से लेकर 1984 तक आसीन रहीं। इसी अवधि में पाकिस्तान का तीसरा...

इमरजेंसी के साथ तानाशाही पर भी बहस कीजिए

हर बार की तरह इस बार भी भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून का इस्तेमाल यह साबित करने के लिए किया कि कांग्रेस एक लोकतंत्र विरोधी पार्टी है और इसी वजह से उसने इमरजेंसी लगाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने...

सीपी-कमेंट्री: इंदिरा गांधी की इंटरनल इमरजेंसी और आरएसएस–भाजपा का लोकतंत्र का स्वांग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक रह चुके हम भारत के लोग के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार द्वारा लागू किये इंटरनल इमरजेंसी (आंतरिक आपातकाल) को लेकर जब-तब और...

इमरजेंसी संस्मरण: बैरक नंबर 10 बटा 4 सेंट्रल जेल ग्वालियर

(एक)बैरक नंबर 10 बटा 4 सेंट्रल जेल ग्वालियर। सबसे लम्बे समय तक -इमरजेंसी की पूरी जेल अवधि- में यही हमारा पता था। यूं जेल प्रवास कोई साढ़े तीन साल का है, मगर बैरकें, कभी-कभी जेल भी, अदल-बदल के। इत्ता...

आपातकाल से भी भयावह है वर्तमान काल !

सन् 1975 का 26 जून से लेकर 21 मार्च 1977 का वह काला दौर जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल को समय की जरूरत बताते हुए उस दौर में लगातार कई संविधान संशोधन किये। 40वें और 41वें संशोधन...

आपातकाल की 46 वीं वर्षगांठ पर: मोदी के सुपर आपातकाल से मुक्ति के रास्तों पर विचार का वक्त

देश आपातकाल से गुजर रहा है। इससे देश के आम नागरिक सहमत हैं क्योंकि वे इसे भुगत रहे हैं। लेकिन मोदी भक्त और गोदी मीडिया असहमत है क्योंकि उन्हें इस आपातकाल का लाभ मिल रहा है। यह लेख इंदिरा गांधी के...

सुप्रीम कोर्ट ने दिए कार्यपालिका को उसकी लक्ष्मण रेखा याद दिलाने के संकेत

एक अरसे बाद उच्चतम न्यायालय की यह टिप्पणी कि “हमारा संविधान अदालतों को मूक दर्शक बने रहने की परिकल्पना नहीं करता है, जब नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कार्यकारी नीतियों द्वारा किया जा रहा हो" उन सभी लोगों, एक्टिविस्टों और कानून के...

अधिकतम दिया, न्यूनतम लिया, मधु लिमये सा कौन जिया!

भारतीय समाजवादी आंदोलन के नायकों में से एक मधु लिमये का 99वां जन्मदिवस और उनका जन्म शताब्दी वर्ष भी आज से ही शुरू होगा। मधु लिमये भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सेनानी और गोवा मुक्ति आंदोलन के नायकों में से...
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साम्प्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

जब सुप्रीम कोर्ट ने असाधारण तत्परता से अनवरत सुनवाई कर राम मंदिर विवाद में बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं के...
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