प्रयागराज। 400 फासदी फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ इलाहबाद यूनिवर्सिटी के कैंपस में ज़ारी छात्र आंदोलन आज 19वें दिन में प्रवेश कर गया। छात्र आंदोलन के 19वें दिन यानि आज प्रख्यात बुद्धिजीवी प्रोफ़ेसर शम्सुल इस्लाम एवम् PSO (AISA) से इलाहाबाद...
उनको डर लगता है
आशंका होती है
कि हम भी जब हुए भूत
घुग्घू या सियार बने
तो अभी तक यही व्यक्ति
ज़िंदा क्यों?
मुक्तिबोध
ऐसे समय में जब व्यक्तिगत ख्याति प्राप्त करने की चाह अधिकांश मध्यमवर्गीय बुद्धिजीवियों-नेताओं-पत्रकारों-साहित्याकारों में हिलोरे मार रही है, सब को...
भाजपा की निलंबित प्रवक्ता द्वारा हजरत मोहम्मद पर की गयी घोर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उठे विवाद में जो लोग नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर अभियान चला रहे थे, भारत के सर्वोच्च न्यायालय...
“अंत में मनुष्य अवश्य अपने ध्येय पर पहुंचेगा। वह ध्येय है-समस्त मानवों की समता, परस्पर प्रेम और सार्वत्रिक सुख-समृद्धि।”
—राहुल सांकृत्यायन
लोकहित में सच की खोज की अनवरत जिज्ञासा और कोई भी कीमत चुका कर सच के पक्ष में खड़ा होने...
पिछले कुछ सालों में हमने बहुत से बुद्धिजीवियों को खो दिया। उनका जाना इतनी शांति के साथ हुआ कि हमारी बौद्धिक दुनिया में छायी हुई चुप्पी पर मानों कोई असर ही नहीं हुआ है। किसी के न रहने के...
अखिल भारतीय सांस्कृतिक अभियान ने भीमा कोरेगांव मामले में फर्जी तरीके से फँसाये गए 13 बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। 500 से अधिक जुड़े लेखकों-कलाकारों के इस मंच ने कल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की...
(देश के साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों, लेखकों, कवियों और बुद्धिजीवियों ने एक साझा अपील जारी की है जिसमें उन्होंने मौजूदा दौर में संघ-बीजेपी सत्ता द्वारा चलाए जा रहे चौतरफा सांप्रदायिक-फासीवादी हिंसक अभियान की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसके साथ...
बहुत प्रयास करने के बाद भी किसान आंदोलन की सफलता के जश्न में शामिल न हो पाया। सिर्फ इतना ही नहीं जश्न मना रहे किसान नेताओं और बुद्धिजीवियों को कौतूहल, आश्चर्य एवं करुणा मिश्रित दृष्टि से देखता भी रहा।...
बोकारो जिले में स्थित अमर शहीद स्टेन स्वामी हॉल में आज कल अक्टूबर 2021 को एक सम्मलेन में झारखंड के कई प्रांतीय - स्थानीय जन संगठनों द्वारा एक मंच के अधीन आकर एक दूसरे के सहयोग - समर्थन से...
अभी हाल की बात है, एक दिन मैंने अपने फेसबुक पेज पर दक्षिणपंथी खेमे के एक वरिष्ठ संपादक की असमय मौत पर दुख प्रकट करते हुए संक्षिप्त श्रद्धांजलि-लेख लिखा। इस पर कुछ ‘वामपंथी’ और ‘समाजवादी’ किस्म के बुद्धिजीवी खासे...