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‘मिलकर बात करने का वायदा अधूरा रह गया मुकेश चंद्राकर’

दिल्ली। मुकेश चंद्राकर बस्तर की पत्रकारिता का वह नाम जिसे देश-विदेश से आने वाले सभी पत्रकार मिलने… Read More

नियमगिरि के वास्तविक दावेदारों के खिलाफ राज्य-कॉर्पोरेट का संयुक्त अभियान क्या इस बार निर्णायक होने जा रहा है?

“गांव छोड़ब नाहीं, हम जंगल छोड़ब नाहीं, माई-माटी छोड़ब नहीं, लड़ाई छोड़ब नहीं।” इस लोकगीत को संभवतः… Read More

छत्तीसगढ़: सरकार ने फिर से शुरू कर दिया हसदेव के जंगलों में पेड़ों की कटाई, कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़। दशकों से चल रहे विरोध के बावजूद छत्तीसगढ़ में हसदेव के जंगलों की प्रशासन और कंपनी… Read More

आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकारों पर सीधा हमला है छत्तीसगढ़ के पेसा और केंद्र के वन संरक्षण नियमों में बदलाव:संगठन

बस्तर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में विगत माह आदिवासी इलाकों में स्वशासन के लिए ज़रूरी पेसा (अनुसूचित क्षेत्रों… Read More

शोषित, उत्पीड़ित और उपेक्षितों की बुलन्द आवाज अवधेश कौशल नहीं रहे

कभी बंधुआ मजदूरों तो कभी जंगलवासी गुज्जरों और कभी घायल मसूरी की बेजुबान पहाड़ियों की लड़ाई सड़क… Read More