आज भारत में अंग्रेज़ी को सत्ता, प्रतिष्ठा और उच्च वर्ग की भाषा माना जाता है। अंग्रेज़ी जानना… Read More
language
सांस्कृतिक प्रतिरोध तब दुविधाग्रस्त हो जाता है जब उसे जरूरतों से नहीं भाषा की शिष्टता में उलझा… Read More
समकालीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि वह शक्ति-प्रदर्शन, मनोवैज्ञानिक… Read More
दुनिया के मजदूर एक हो ! मार्क्सवाद के गुरुओं ने 175 साल हुए यह नारा दिया था।… Read More
इस कालखंड के बारे में जो बात एकदम पक्की है वह यह है कि इसे नैतिकता, शुचिता,… Read More
विदेशों में हिंदी के प्रसार की चर्चा में सबसे पहले बॉलीवुड का नाम आता है, लेकिन विशेषज्ञ… Read More
लगभग 225 वर्ष पहले, कलकत्ता (अब कोलकाता) शहर में, उर्दू और हिंदी भाषाओं के बीच विभाजन के… Read More
नई दिल्ली। 25 जुलाई को, सीपीआई(एमएल) के महासचिव कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, पत्रकारों और… Read More
नई दिल्ली। भारतीय भाषा समूह ने देश के विभिन्न हिस्सों में बांग्ला भाषी प्रवासी मज़दूरों के साथ… Read More
भारत, वह देश जिसकी रगों में अनेक भाषाएँ बहती हैं, आज एक अजीब संकट से गुजर रहा… Read More