Friday, October 22, 2021

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भाषा की गुलामी खत्म किये बिना वास्तविक आज़ादी संभव नहीं

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के लिए आज़ादी का सवाल केवल अंग्रेजों से देश को मुक्त कराना भर नहीं था बल्कि उनके लिए आज़ादी व्यक्ति और समाज की मुक्ति का भी प्रश्न था। यह मुक्ति अपनी भाषा में ही संभव थी...

सांप्रदायिकता और आभिजात्यता में फंसी है हिंदी

रोते-धोते हिंदी दिवस गुजर गया। लोगों ने जमकर अंग्रेजी को गलियां दी और इसके दबदबे का रोना रोया। वैसे, भाषाएं उस अर्थ में मरती नहीं हैं जिस अर्थ में प्राणी मरते हैं। वे गायब जरूर हो जाती हैं। लेकिन...

लगातार पांव पसार रही है हिंदी

संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया। इसी की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। आधुनिक हिंदी की बात की जाए तो इस पर महावीर प्रसाद द्विवेदी का...

भारतीय भाषाओं पर बाजार संरक्षित अंग्रेजी का वर्चस्व

मानव निर्मित अब तक की सभी तकनीकों में भाषा का अपना अलग ही महत्त्व रहा है, लेकिन इसका एक पक्ष यह भी रहा है कि भाषा के विकास के साथ ही मानवीय शोषण और संघर्ष का भी विकास हुआ।...

तमिलनाडु में 100 दिन में 200 गैर ब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति करेगी स्टालिन सरकार

तमिलनाडु की 38 दिन पुरानी एमके स्टालिन सरकार ने 100 दिन में 200 गैर-ब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। कुछ दिनों में 70-100 गैर-ब्राह्मण पुजारियों की पहली लिस्ट जारी होगी। इसके लिये जल्द ही 100 दिन का “शैव...

सरल भाषा में फैसला देना हुआ गुनाह! न्यायिक अफसर को किया बर्खास्त, हाईकोर्ट से बहाली

क्या आप विश्वास करेंगे कि पंजाब  और हरियाणा उच्च न्यायालय के अधीन अधीनस्थ न्यायालयों के सीधी भर्ती के सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस के अधिकारीयों के वार्षिक चरित्र पंजिका (एसीआर) में प्रतिकूल टिप्पणियाँ दर्ज़ करके उनका या तो कैरियर ख़राब कर दिया जाता...

बंगाल, बंगालीपन और वामपंथ-2: बीजेपी की आक्रामकता ने फिर कर दिया है बंगाल की दुखती रगों को जिंदा

इसी 19 फरवरी को विश्वभारती विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह था, जिसमें प्रधानमंत्री ने ऑन लाइन अपना वक्तव्य रखा । ‘आनंद बाजार पत्रिका’ में इस दीक्षांत समारोह की एक खबर का शीर्षक था- ‘इतनी हिंदी क्यों’ (ऐतो हिंदी कैनो) ।...

झारखंडः हीरामन ने कोरवा भाषा और संस्कृति को बचाने के लिए बना डाला शब्दकोश

झारखंड की राजधानी रांची से 207 किलोमीटर दूर है गढ़वा जिला मुख्यालय, जहां से करीब 22 किमी दूर है रंका प्रखंड मुख्यालय, रंका प्रखंड के जंगलों के बीच बसा है सिंजो गांव, जो प्रखंड मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर...

आदिवासी यथार्थ कथा: 58 वर्षीय मां को इंटरव्यू बोर्ड के सामने भेजकर फूट पड़ी एक बेटी की पीड़ा

2021 की आज की तारीख (18 जनवरी 2021) में एक घटना घट रही है। आदिवासी विमर्श के पैरोकारों, हाशिये के समाज के लिए आंदोलनरत लोगों, बहुजन की परिकल्पना को लेकर बढ़ने वाले लोगों, वामपंथी कहलाने वाले लोगों और मूलनिवासी...

भोजपुरी जो हिंदी नहीं है!

उदयनारायण तिवारी की पुस्तक है ‘भोजपुरी भाषा और साहित्य’। यह पुस्तक 1953 में छपकर आई थी। लेखक ने पुस्तक के पहले संस्करण में ‘दो शब्द’ में अपने समय में हिंदी और भोजपुरी को लेकर छायी हुई गलतफहमियों पर कुछ...
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सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की अध्यक्षता में हो निहंग हत्याकांड की जांच: एसकेएम

सिंघु मोर्चा पर आज एसकेएम की बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में एसकेएम ने एक बार फिर सिंघु मोर्चा...
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