Manu Smriti

पुस्तक समीक्षा : जातियों का इतिहास बताती ‘जातियों की आत्मकथा’

भारतीय समाज में खासकर हिंदू संप्रदाय में जाति की जकड़न बहुत जटिल है। प्राचीन समय में ब्राह्मण वर्ग… Read More

धर्मग्रंथों की समीक्षा का ऐलान कर क्या दिखाना और क्या छिपाना चाहते हैं, मोहन भागवत

‘जाति भगवान ने नहीं, पंडितों ने बनाई है’ जैसे बयान के बाद इत उत खड़ा हुआ तूमार… Read More

‘मनुस्मृति दहन दिवस’ पर मनुविधान समेत किसान कानूनों की जलाई गई होली

25 दिसंबर को ‘मनुस्मृति दहन दिवस’ पर देश के कई राज्यों सहित बिहार-यूपी में बहुजन संगठनों ने… Read More

समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े दलितों को अर्थव्यवस्था में भी कोई जगह मयस्सर नहीं

किसी देश की अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी के मुख्यत: दो स्रोत होते हैं- उत्पादन के साधनों पर मालिकाना… Read More