Thursday, October 28, 2021

Add News

phule

सत्यशोधक समाज: भारत में सच्चे पुनर्जागरण की बुनियाद डालने वाली पहली संस्था

      सत्यशोधक समाज स्थापना दिवस (24 सितंबर, 1873) पुनर्जागरण को ज्ञानोदय और प्रबोधनकाल के रूप में भी जाना जाता है। इटली में इसका प्रारंभ हुआ था और लगभग तीन सौ वर्षों (14 वीं से 17 वीं सदी) में यह पूरे...

भारतीय समाज में मार्क्स से पहले सैकड़ों हजारों ज्योतिबा की जरूरत है

वैश्विक संदर्भों में कई बार ये सवाल उठता है कि आखिर भारत में इतनी असमानता और गरीबी होने के बावजूद, ये तबका वर्ग संघर्ष की कसौटी पर एकजुट क्यों नहीं हो सका? इतनी बड़ी संख्या में मजदूर और गरीब...

बंगाली पुनर्जागरण मिथ, बंगाल में संघ-भाजपा का बढ़ता वर्चस्व और जोतीराव फुले

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव अपने अंतिम चरण में है। चुनावी विश्लेषकों, पत्रकारों और अध्येताओं  की कौन कहे, आम आदमी भी सौ फीसदी तय मानकर चल रहा है कि भाजपा किसी भी सूरत...

भारतीय पुनर्जागरण के जनक जोतीराव फुले : एक संक्षिप्त परिचय

तुम कैसे बेशर्म हुए, वश में होकर इन ब्राह्मणों के नित छूने को चरण अरे तुम झुक जाते हो यों कैसे। आर्यों की मनुस्मृति को देखो, ध्यानपूर्वक देखो उसमें धोखा है सब देखो, पढ़ो ज़रा इनके ग्रंथों को।। - जोतीराव फुले “मेरे तीसरे गुरु...

किसान एकता मंच की ओर से महिला शिक्षा की मशाल जलाने वाली सावित्री बाई फुले को दी गई श्रद्धांजलि

सावित्री बाई फुले अमर रहें, जय सावित्री, जय फातिमा, जय जवान जय किसान, भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय भीम जय संविधान, किसान मजदूर एकता ज़िदाबाद, काले क़ानून वापस लो और एमएसपी पर क़ानून बनाओ आदि नारों के...

ग़ाजीपुर बॉर्डर पर बच्चों की पाठशाला चला रहीं निर्देश सिंह के खिलाफ़ 3 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट

आज 10 मार्च सावित्री बाई फुले परिनिर्वाण दिवस के दिन सावित्री बाई फुले महिला ब्रिगेड की संस्थापक और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में किसानों के बच्चों को पढ़ाने के लिए सावित्री बाई फुले पाठशाला की संचालिका...

फुले की ‘गुलामगिरी’: ब्राह्मणवाद से मुक्ति के पहले घोषणापत्र का एक परिचय

(वरिष्ठ पत्रकार और एक्टिविस्ट प्रोफेसर दिलीप मंडल ने वसंत पंचमी (सरस्वती पूजन) के दिन डॉ. आंबेडकर के पहले गुरु ज्योतिराव फुले की सबसे प्रमुख कृति गुलामगिरी के एक अंश को उद्धृत किया, उसके बाद उनके खिलाफ टि्वटर पर #ArrestDilipMandal...

जयंती पर विशेष: रुढ़िवादी परंपराओं और दकियानूसी बेड़ियों को तोड़कर सावित्रीबाई ने रचा इतिहास

आज भारत की प्रथम महिला शिक्षिका राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले की 190 वीं जयंती हैं। 19वीं शताब्दी में उनके द्वारा किये गए साहसिक कार्यों को आज 21वीं सदी में भी जब हम देखते हैं, तो हमें आश्चर्य होता है, और...

ज्योतिराव फुले: आधुनिक युग में दलितों-बहुजनों, महिलाओं एवं किसानों के संघर्ष के पहले नायक

तुम कैसे बेशर्म हुए, वश में होकर इन ब्राह्मणों के नित छूने को चरण अरे तुम झुक जाते हो यों कैसे। आर्यों की मनुस्मृति को देखो, ध्यानपूर्वक देखो उसमें धोखा है सब देखो, पढ़ो ज़रा इनके ग्रंथों को।। - ज्योतिराव फुले “मेरे तीसरे गुरु...

अखिलेश यादव जी! परशुराम की मूर्ति बनवाने की घोषणा से पहले, उनके बारे में जान तो लेते

मीडिया की खबरों के अनुसार समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ब्राह्मण नेताओं के साथ बैठक में यह तय किया है कि समाजवादी पार्टी प्रत्येक जिले में भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित करेगी। सबसे ऊंची प्रतिमा लखनऊ में...
- Advertisement -spot_img

Latest News

सरकार के सुपारी किलर ‘इंडिया टुडे’ ने ‘न्यूजलॉन्ड्री’ को चुप कराने के लिये मांगा 2 करोड़ रुपये का हर्जाना

10 सितंबर, 2021 को न्यूजलॉन्ड्री के दफ़्तर पर आयकर विभाग ने छापा मारा था तब आयकर विभाग के हाथ...
- Advertisement -spot_img