इस साल भी इंडियन एक्सप्रेस की वह 100 लोगों की सूची आ गई जिन्हें वह ‘सबसे मजबूत… Read More
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एक पुरानी कहावत है कि जिनके मकान शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।… Read More
एक ही साल एक दिन के अंतर पर मिलने वाली आज़ादियों के बाद दोनों देशों के बीच… Read More
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में पत्रकारिता के सामने निष्पक्षता और निर्भीकता का मुद्दा गंभीर हो गया है। पत्रकारों… Read More
एलनमस्क के ग्रोक के ज़रिए पिछले दिनों से ताबड़तोड़ सवाल जवाब पूछे जा रहे हैं तथा उस… Read More
पिछले कुछ समय से समाज की सामूहिक समझ को आकार देने में व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की भूमिका बहुत… Read More
आम चुनाव 2024 में सत्ता परिवर्तन के आसार दिख रहे हैं। यदि सचमुच सत्ता परिवर्तन होता है,… Read More
दर्द से मेरा दामन भर दे..! अजीब सा ख़्याल है ना, लोग देवताओं से दुआ मांगते हैं कि उनका… Read More
क्षतिपूरक वनीकरण हास्यास्पद कवायद बन गई है। इसके अंतर्गत बंजर और पथरीली जमीन पर पौधे पनपाने की… Read More
कल (1 अक्तूबर) के ‘टेलिग्राफ’ में हिलाल अहमद का एक लेख ‘सत्याग्रह’ की बद्धमूल धारणा के संदर्भ… Read More