क्या छोटे मालिक बनने का स्वप्न मेहनतकश जनता की ग़रीबी-बदहाली दूर कर सकता है?
आज देश में बेरोज़गारी अपने चरम पर पहुँच गई है। इस बार बजट में वित्तमंत्री ने खुद बेरोज़गारी की भयानकता को स्वीकार कर लिया है, [more…]
आज देश में बेरोज़गारी अपने चरम पर पहुँच गई है। इस बार बजट में वित्तमंत्री ने खुद बेरोज़गारी की भयानकता को स्वीकार कर लिया है, [more…]
यदि कोई भी वर्तमान किसान आंदोलन को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, बिहार और गाय पट्टी के अन्य अपरकॉस्ट कृषि भूमि के मालिक परजीवियों की नजर [more…]
मुक्तिबोध गहन संवेदनात्मक वैचारिकी के कवि हैं। उनके सृजन-कर्म का केंद्रीय कथ्य है-सभ्यता-समीक्षा। न केवल कवितायें बल्कि उनकी कहानियां, डायरियां, समीक्षायें तथा टिप्पणियां सार रूप [more…]
साल 2020-21 का बजट ऐसे वक्त में पेश किया गया जब किसी को भी इस बात में कोई शक नहीं रह गया है कि भारतीय [more…]