ग्राउंड रिपोर्ट: मिर्जापुर के मड़िहान में स्वास्थ्य केंद्रों का हाल बेहाल, एक्सरे मशीन-हेल्थ ATM पर लगा है ताला

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मिर्जापुर। कभी उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में शुमार रहे मिर्ज़ापुर के मड़िहान तहसील के स्वास्थ्य केंद्रों का हाल बदहाल बना हुआ है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की बात तो छोड़ दें, यहां एक अदद एक्स-रे मशीन तक का अभाव बना हुआ है। तो कहीं एक्सरे तो कहीं हेल्थ एटीएम मशीन बेकार पड़ी हुई हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन निजी चिकित्सालयों की शरण में जाना पड़ता है।

जंगलों-पहाड़ों से घिरा मड़िहान डेढ़ दशक पहले नक्सली गतिविधियों का केंद्र था, पर अब हालात बदल गए हैं। लेकिन अभी जो कुछ नहीं बदला है, वह है स्वास्थ्य सेवाओं का हाल, जो आज भी अपने पुराने ढर्रे पर ही चला आ रहा है। इलाके के ग्रामीण सवाल दागते हैं कि “अस्पतालों में एक्सरे व हेल्थ एटीएम मशीन काहे लगवा दिया जब जांच की सुविधा देनी ही नहीं थी?”

यह सवाल किसी एक व्यक्ति विशेष की नहीं है, बल्कि उन ग्रामीणों का है, जो अस्पताल आने पर एक्स-रे व हेल्थ मशीन के चालू न होने का रटा रटाया हुआ जुमला सुनकर बुझे हुए मन से वापस लौटने को विवश होते हैं।

ताला बंद केबिन में शो-पीस बनी हेल्थ एटीएम मशीन

मड़िहान तहसील की तकरीबन पांच लाख की आबादी को मड़िहान और राजगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जरिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। इन इलाकों के अस्पतालों में बंद पड़े एक्सरे व हेल्थ एटीएम यहां आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को मुंह चिढ़ाते हैं। स्थानीय ग्रामीणों की माने तो चिकित्सकों की लेटलतीफी भी स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी की राह में रोड़ा बनी हुई है।

गौरतलब है कि विधायक निधि से लाखों रुपये की हेल्थ एटीएम मशीन 28 जनवरी 2023 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान व राजगढ़ में स्थापित कर वाहवाही तो खूब बटोरी गई। दावा भी खूब किया गया कि क्षेत्र की ग्रामीण जनता को अब निःशुल्क 70 प्रकार की बीमारियों की जांच बिना कोई समय गंवाए एक मिनट में होगी और मेडिकल जांच के लिए मरीजों को कहीं बाहर भटकना नहीं पड़ेगा।

आश्चर्य की बात है कि तकरीबन चार वर्ष पहले स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में लगाई गई एक्स-रे मशीन अभी चली ही नहीं है। एक्स-रे टेक्नीशियन व एलटी का पद खाली पड़ा हुआ है, जिसके चलते लाखों रुपये की लागत से लगाई गई एक्सरे व हेल्थ एटीएम मशीन में ताला लटक रहा है। हेल्थ मशीन की केबिन के बाहर लटकता हुआ ताला खुद आने जाने वाले लोगों से सवाल करता हुआ नजर आता है कि कब खुलेगा मेरा ताला?

खराब होने का बनाया जाता है बहाना

अस्पताल में जांच के लिए पूछने पर हेल्थ एटीएम मशीन को खराब बताया जाता है। उसे ठीक करने के लिए कंपनी द्वारा ट्रेनर भेजने की बात कही जाती है। इससे सवाल उठना लाजमी है कि क्या कंपनी की वारंटी, गारंटी का समय समाप्त हो गया है। चर्चा तो यह भी है कि इलाके के प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर वालों की मिलीभगत से जनता को इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा। इन मशीनों के बंद होने से लोगों को मजबूर होकर प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है। जहां जमकर उनका आर्थिक शोषण किया जाता है।

हवा हवाई साबित हुआ विधायक का दावा

हेल्थ एटीएम मशीन के उद्घाटन के मौके पर मड़िहान के भाजपा विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा था कि बॉडी चेकअप में ईसीजी से लेकर लिपिड प्रोफाइल, ऑक्सीजन सेचुएशन, ब्लड सुगर आदि की रिपोर्ट अब तत्काल मिल सकेगी। एटीएम हेल्थ मशीन की उपलब्धता से स्वास्थ्य टीम को राहत मिलेगी। दावा किया गया था कि स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ने से मरीजों, तीमारदारों को अन्यत्र जाने अथवा रेफर होने का झंझट नहीं रहेगा, परन्तु यह सब हवा-हवाई साबित हुआ।

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद विधायक ने कभी मुड़ कर भी इधर झांकना तो दूर, मरीजों को हेल्थ एटीएम मशीन के चालू नहीं होने से होने वाली परेशानियों को जानने समझने की भी जरूरत नहीं समझी। हालांकि इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ के प्रभारी डॉ. पवन कश्यप ने बताते हैं कि “संविदा पर एक एलटी नियुक्त है, जबकि एक्सरे टेक्नीशियन व परमानेंट एलटी को नियुक्त करने के लिए कई बार लिखित मांग की जा चुकी है, किन्तु अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है।”

दूसरी ओर मड़िहान तहसील क्षेत्र के बनसट्टी, अटारियां गांव निवासी श्याम नारायण सवाल उठाते हैं कि “आखिरकार जब इस मशीन को चालू करना ही नहीं था तो क्यों लगाया गया, और तो और उद्घाटन करने की भी क्या जरूरत थी, जब इस मशीन की सुविधा उपलब्ध ही नहीं कराई जा सके।”

श्याम नारायण के शब्दों में दम भी है, उनका सवाल उठाना भी लाजमी है कि जब इस मशीन को चालू किया जाना संभव नहीं था तो फिर उद्घाटन कर वाहवाही लूटने की क्या आवश्यकता थी? मटिहानी गांव से जांच की उम्मीद लेकर आई तेतरा देवी के दर्द का अपना अलग ही मर्म है। वह कहती हैं ‘यहां तो हर मर्ज कि बस एक ही दवा है, दो चार टिकिया थमा कर बाहर से मिलेगा का जुमला सुना दिया जाता है।’

मिर्ज़ापुर-सोनभद्र मार्ग पर स्थित मड़िहान तहसील क्षेत्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लंबे रोड पर होने के साथ-साथ बाजार से लगा हुआ है। जिला मुख्यालय से यहां की दूरी तकरीबन 32 किमी है, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ की दूरी जिला मुख्यालय से 60 किमी है। राजगढ़ के बाद सोनभद्र जनपद की सीमा प्रारंभ होती है, ऐसे में यह अस्पताल पड़ोसी जनपद के कई गांवों के ग्रामीणों के लिए भी उपयोगी है, बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली लोगों को खटक रही है।

उद्घाटन के समय ही खुल गई थी पोल

28 जनवरी 2023 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान में विधायक निधि से लाखों रुपये की जिस हेल्थ एटीएम मशीन को स्थापित किया गया है वह उद्घाटन समारोह के दौरान ही फेल हो गई थी, जिसे चालू करने के अथक प्रयास तो जरूर किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। तब किसी प्रकार ऐसे-तैसे कार्यक्रम को सम्पन्न करा कर नाक बचाने का काम किया गया। 

तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने तब बताया था कि मड़िहान के साथ-साथ राजगढ़, अहरौरा व विंध्याचल आदि स्थानों पर भी हेल्थ एटीएम मशीन की सुविधा उपलब्ध होगी। इलाके के लोगों की मांग पर मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने पटेहरा को भी जल्द से जल्द एटीएम हेल्थ मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, जो कोरा आश्वासन साबित हुआ है। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजगढ़ में लगा हेल्थ एटीएम शो-पीस बनकर रह गया है।

राजगढ़ क्षेत्र के पत्रकार रविन्द्र बहादुर सिंह ‘जनचौक’ को बताते हैं कि “मिर्ज़ापुर जिले के मड़िहान, राजगढ़ व पटेहरा के स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ ही साथ सेवाओं में इजाफा हो जाए तो पिछड़े इलाकों के बाशिंदों को जिला मुख्यालय के अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों की लूट से बचाया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार मुलाजिमों की उदासीनता से यह संभव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण आज भी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के बीच जीने को अभिशप्त हैं।”

(मिर्ज़ापुर से संतोष देव गिरी की ग्राउंड रिपोर्ट)

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