हिंदू महिलाओं को बच्चा जनने की मशीन बनाने से लेकर जनसंख्या क़ानून के बीच का बीजेपी-संघ का द्वंद

Estimated read time 1 min read

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय सत्ता में आने के बाद देश के हिंदू आबादी के सामने अचानक से ख़तरा पैदा हो गया। ऐसे में आरएसएस चीफ से लकेर तमाम भगवा गैंग तमाम मंचों से हिंदू महिलाओं से बच्चे जनने वाली मशीन बनने की अपील करने लगे। 

लेकिन मोदी स्ट्रेन के देश में तबाही मचाने के बाद जन समूह में उपजे आक्रोश के बीच खड़े पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव ने भाजपा शासित असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश में जनसंख्या क़ानून बनाकर 2 बच्चों से ज्यादा वाले परिवारों को सरकारी सुविधाओं और सेवाओं से वंचित करने वाला मसौदा लेकर आयी है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने भी यूपी और असम की राह पर जाने की बात कही है। 

वहीं जनसंख्या नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की नई नीति की चर्चा के बीच केंद्र सरकार इस पर क़ानून लाने की तैयारी में है। राज्यसभा सांसदों के जरिए सदन में प्राइवेट मेंबर बिल पेश करके एक ऐसा दांव चला है कि जिससे क़ानून बनाने की तरफ बढ़ा जा सके। जल्दी ही शुरु होने वाले मानसून सत्र में इस बिल पर चर्चा होगी। इस पर वोटिंग भी कराई जा सकती है।

पहले क्या कहा था भगवा ब्रांड के ध्वजवाहकों ने

आगरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 20 अगस्त, 2016 को आरएसएस सर संघचालक मोहन भागवत ने हिंदुओं की कम होती जनसंख्या पर चिंता जताते हुये कहा था कि ‘कौन सा कानून कहता है कि हिंदुओं की जनसंख्या नहीं बढ़नी चाहिए? ऐसा कुछ भी नहीं है। जब दूसरों की आबादी बढ़ रही है तो उन्हें कौन रोक रहा है? यह मुद्दा व्यवस्था से जुड़ा हुआ नहीं है। ऐसा इस वजह से है कि सामाजिक माहौल ही ऐसा है।”

युवा हिंदू दंपतियों को अधिक बच्चे पैदा करने का परामर्श देते हुए मोहन भागवत ने कहा था कि “आप लोग कह रहे हैं कि ‘उनकी’ जनसंख्या बढ़ रही है। दूसरे धर्म वाले जब इतने बच्चे पैदा कर रहे हैं तो क्या आपको किसी कानून ने रोक रखा है? कोई भी कानून हिंदुओं के ज्यादा बच्चे पैदा करने पर पाबंदी नहीं लगाता। ऐसी कोई बात नहीं है।’’

उनसे पहले 7 जनवरी, 2015 को भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा था कि ‘‘धर्म की रक्षा करने के लिए हिंदू महिलाओं को कम से कम 4 बच्चे पैदा करने चाहिए।’’ 

19 जनवरी 2015 को ही बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य श्री वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा था कि “प्रत्येक हिंदू परिवार कम से कम 10 बच्चे पैदा करे।’’

2 फरवरी 2015 को माले गांव बम विस्फोट की मुख्य आरोपी व भाजपा सांसद साध्वी प्राची ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था, ” प्रत्येक हिंदू 4 बच्चे पैदा करे, 40 पिल्ले नहीं।’’

4 अप्रैल 2015 को विश्व हिंदू परिषद के महासचिव चंपत राय ने कहा कि था कि ‘‘हिन्दुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने होंगे नहीं तो देश पर मुसलमानों का कब्जा हो जाएगा।’’

7 सितंबर को विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा था कि  ‘‘हम हिंदुओं को 4 बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।’ 

7 जनवरी, 2016 को काशी सुमेर पीठ के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा था कि “यदि महाभारत काल में परिवार नियोजन होता तो हम श्री कृष्ण और श्री बलराम की लीला नहीं देख पाते।’’ 

फिर 30 मई को उन्होंने कहा था कि “जहां-जहां हिंदुओं की संख्या घटी, वहां आतंकवाद बढ़ा है। परिवार नियोजन की बात करने वाला मूर्ख है। यदि दशरथ परिवार नियोजन अपनाते तो (राम को) भरत जैसा भाई कैसे मिलता?’’

केंद्र समेत तमाम भाजपा शासित राज्यों में जनसंख्या क़ानून की तैयारी 

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की नई नीति की चर्चा के बीच केंद्र सरकार इस पर कानून लाने की तैयारी में है। कानून बनाने से पहले भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मसले पर धीरे-धीरे एक-एक कदम आगे बढ़ा रहा है। 

एक तरफ भाजपा शासित राज्यों को इस पर नीतियों को पेश करने को कहा गया है जिससे कि इस मुद्दे पर देश भर में एक माहौल बनाया जा सके। 

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण नीति पेश की है। असम सरकार असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा ने भी कहा है कि इस नीति पर जल्दी ही फैसला होगा। दूसरी तरफ राज्यसभा सांसदों के जरिए सदन में प्राइवेट मेंबर बिल पेश करके एक ऐसा दांव चल रही है जिससे कानून बनाने की तरफ बढ़ा जा सके। बताया जा रहा है कि इसी सत्र में लोकसभा के आधा दर्जन सांसद भी इसी मुद्दे पर प्राइवेट मेंबर बिल ला सकते हैं।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।) 

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours