Wednesday, February 1, 2023

तमाम सरकारी अड़चनों के बावजूद लखनऊ में आयोजित हुई लड़कियों की मैराथन

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लखनऊ। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में ‘‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’’ लखनऊ मैराथन में लड़कियों की अथाह भीड़ उमड़ी। तय लक्ष्यों से दुगनी लगभग 20000 की तादाद में जुटी लड़कियों ने 26 दिसम्बर 2021 को 1090 चौराहे पर दोहरे मापदंडों के आधार पर रोकी गयी मैराथन के प्रति ललकार दिखाई। लखनऊ की बेटियों ने बताया कि नकारात्मक राजनीति एवं सरकार के दम पर षड्यंत्र उन्हें स्वीकार नहीं है। तमाम अवरोधों के बावजूद लड़कियों की ऐतिहासिक भागीदारी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के लोकप्रिय नारे ‘‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’’ के साथ उनके जुड़ाव एवं लगाव पर मुहर लगा दी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. उमा शंकर पाण्डेय ने बताया कि आज कांग्रेस पार्टी का स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने झंडा दिखाकर मैराथन का आरम्भ किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू एवं भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर एवं तौकीर आलम ने लड़कियों का उत्साहवर्धन किया।

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स्टेडियम चारों तरफ लड़कियों की उपस्थिति से खचाखच भर गया। मैराथन की झण्डी मिलते ही लड़कियां लक्ष्य की तरफ दौड़ पड़ीं। हजारों की संख्या में लड़कियां ट्रैक पर जोश और जुनून से प्रतिस्पर्धा करते हुए आगे बढ़ते हुए 5 किलोमीटर की दूरी पूरी कीं। मैराथन को पारदर्शी बनाने एवं सुचारू रूप से संचालित व सम्पन्न कराने के लिए विभिन्न प्रकार के निगरानी, एवं सुरक्षा के उपाय किये गये थे। ड्रोन कैमरों से मैराथन पर नजर रखी जा रही थी।

प्रवक्ता ने कहा कि लखनऊ मैराथन को धारा 144 और कोविड का हवाला देकर निरस्त करने का प्रयास किया गया था। यह बेटियों के विरूद्ध योगी सरकार का कुचक्र था। 1090 चौराहे पर कार्यक्रम की निरस्तीकरण के बाद इकाना स्टेडियम में भी कार्यक्रम में अवरोध उत्पन्न करने की भरपूर कोशिश की गयी। स्टेडियम के अन्दर कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी गयी। स्टेडियम के बाहर कार्यक्रम करने को विवश किया गया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजन के अनुरूप बड़ा मंच बनाने की मनाही की गयी। जबकि इसी स्टेडियम में 25 दिसम्बर को योगी सरकार ने टैबलेट बांटने के नाम पर जमावड़ा किया था। यह योगी सरकार का दोहरा मापदंड दर्शाता है। सरकार के कुचक्रों के बावजूद बेटियों की ऐतिहासिक जुटान ने योगी सरकार को भरपूर जवाब देते हुए बौना साबित कर दिया है।

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प्रवक्ता ने कहा कि मेरठ, झांसी, मुरादाबाद, में मैराथन की अद्भुद सफलता के बाद आज लखनऊ में भी कार्यक्रम ऐतिहासिक स्तर पर सफल रहा। राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु प्रतिज्ञायें ली हैं तथा लड़कियों के लड़ने के जज्बे को मैराथन के माध्यम से सामने लाने का प्रयास कर रहीं हैं। उनके इस प्रयास और नारे के साथ प्रदेश की बेटियों का भरोसा लगातार दिख रहा है। चुनावी साल में बौखलाई हुई योगी सरकार इस कार्यक्रम को रोकने की भरपूर कोशिश कर रही है। तमाम अड़चन डाल कर बेटियों को दौड़ने से रोकना चाह रही है। मैराथन को बदनाम करने का प्रयास भी कर रही है। लड़कियों ने योगी सरकार की इस नकारात्मक राजनीति को नकार दिया है।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

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