संस्कृति-समाज

दूसरी परम्परा के लोकधर्मी मुक्तिकामी आलोचक चौथीराम यादव को मिला सत्राची सम्मान

वाराणसी। चौथीराम यादव को उनकी आलोचकीय प्रतिबद्धता को देखते हुए सत्राची सम्मान से सम्मानित किया गया। यह… Read More

स्मृति दिवस पर विशेष: दिनेश ठाकुर, थिएटर जिनकी सांसों में बसता था

हिन्दी रंगमंच की दुनिया में दिनेश ठाकुर की पहचान रंगकर्मी, अभिनेता और नाट्य ग्रुप ‘अंक’ के संस्थापक… Read More

प्रकट-प्रछन्न जंज़ीरों से दबी कुचली इंसानियत की मुक्ति का गान हैं मोहन की कविताएं 

दलित साहित्यकारों और एक्टिविस्टों ने आधुनिकता के मुहावरे और ढांचे में अपने संघर्ष को स्थापित किया है।… Read More

पहाड़ की खुरदुरी जमीन पर मोहन मुक्त ने खड़ा किया है कविता का हिमालय

वो तुम थे एक साधारण मनुष्य को सताने वाले अपने अपराध पर हँसे ठठाकर, और अपने आसपास… Read More

भारत के वॉल्टेयर(पेरियार)किताब: हिंदी पट्टी के लिए एक बौद्धिक पूंजी

‘पेरियार ई. वी. रामासामी, भारत के वॉल्टेयर’ किताब रूप में लेखक ओमप्रकाश कश्यप ने हिंदी पट्टी को… Read More

हबीब तनवीर जन्म शताब्दीः आम जन और जनसरोकार के लिए प्रतिबद्ध रंगकर्मी 

प्रख्यात नाट्यकार, निर्देशक, अभिनेता हबीब तनवीर का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। उनका जन्म 1 सितंबर, 1923… Read More

अपने गांव गंगोली से बेइंतहा था राही मासूम रजा को प्यार

उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में एक जिला है ग़ाज़ीपुर। सोया हुआ, खामोश पर सरसब्ज़ और प्रतिभासंपन्न।… Read More