Thursday, April 18, 2024

भारत-चीन सीमा झड़प: विदेश मंत्री ने की अपने चीनी समकक्ष से बात, 19 को मामले पर सर्वदलीय बैठक

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुए खूनी झड़प को लेकर आज दोपहर में बात की। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि “विदेश मंत्री ने पूरी मजबूती के साथ भारत सरकार का विरोध दर्ज किया।” और कहा कि इसका दोनों देशों के बीच रिश्तों पर बेहद गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूरी परिस्थिति को बिल्कुल जिम्मेदार तरीके से हैंडल किया जाएगा और दोनों पक्ष छह जून को तय किए गए सैनिकों की वापसी की समझ को पूरी गंभीरता से लागू करेंगे। बयान में आगे कहा गया है कि “कोई भी पक्ष ऐसी कोई कार्यवाही नहीं करेगा जिससे मामला और बिगड़े। बजाय इसके द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के मुताबिक शांति और सौहार्द को स्थापित करेगा।”

इस बीच पीएम मोदी ने कहा है कि सीमा पर सैनिकों की हुई शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने इस सिलसिले में 19 जून को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलायी है। जिसमें वह सभी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक के जरिये बात करेंगे। इसी तरह के एक अन्य बयान में पीएम मोदी ने कहा है कि हमारे सैनिक लड़ते हुए मारे गए हैं। लिहाजा उनकी शहादत का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है लेकिन अगर उसे उकसाया गया तो वह करारा जवाब देना जानता है। 

गलवान घाटी की सैटेलाइट से ली गयी तस्वीर।

आप को बता दें कि 45 वर्षों बाद दोनों के बीच इस स्तर की खूनी झड़प हुई है। जिसमें बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग आफिसर समेत 20 सैनिकों की मौत हो गयी है।

इसके पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों ने घात लगा कर भारतीय सैनिकों के एक दल पर हमला बोल दिया था।

इस बीच आज सेना ने शहीद हुए सभी सैनिकों का विवरण सार्वजनिक कर दिया। बिहार रेजिमेंट के शहीद हुए इन सैनिकों का देश के अलग-अलग सूबों से ताल्लुक था।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर आज सरकार के पूरे रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के एक ट्वीट को कोट करते हुए कुछ सवाल पूछा जिसमें उन्होंने कहा कि ट्वीट में चीन का नाम न लेकर क्या सैनिकों का अपमान नहीं किया जा रहा है? सैनिकों को श्रद्धांजलि देने में दो दिन क्यों लगे? जब सैनिक शहीद हो रहे थे तो आप उस समय रैली क्यों संबोधित कर रहे थे? आप क्यों छुपकर क्रोनी मीडिया के जरिये सेना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं? पेड मीडिया सरकार की जगह सेना को क्यों जिम्मेदार ठहरा रहा है?

दरअसल राजनाथ ने आज एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने बगैर चीन का नाम लिए कहा है कि “गलवान में सैनिकों की हानि पीड़ादायक और बेहद परेशान करने वाली है। कर्तव्य के रास्ते में हमारे सैनिकों ने अभूतपूर्व साहस और वीरता का परिचय दिया है और भारतीय सेना की उच्च परंपराओं का पालन करते हुए अपनी कुर्बानी दे दी”। 

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