पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव पर उठे सवाल, ममता ने कहा- चुनाव आयोग ने वही किया जो भाजपा ने कहा

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234 सीटों वाले तमिलनाडु में एक चरण में और 294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराने की केंद्रीय निर्वाचन आयोग की घोषणा के पीछे का तर्क किसी के भी पल्ले नहीं पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सीपीआई एमएल के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आठ चरणों में चुनााव कराए जाने पर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी ने तो यहां तक कह दिया है कि चुनाव आयोग ने वही किया है जो भाजपा ने कहा है।

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव के एलान के वक्त जब एक पत्रकार ने सवाल पूछा तो जवाब में चीफ इलेक्शन कमिश्नर सुनील अरोड़ा ने कहा कि तमिलनाडु देश का सबसे शांत राज्य है इसलिए वहां एक चरण में चुनाव हो जाएगा। क्या चुनाव आयोग के चीफ, देश और विशेषकर मतदाताओं तक भाजपा का संदेश इस तरह से भेज रहे हैं? अभी कल ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पश्चिम बंगाल के शासन को हिंसा का दौर बताया है। तो क्या पश्तिम बंगाल में 8 और तमिलनाडु में एक चरण में चुनाव करवाने का फैसला करके सुनील अरोड़ा भाजपा के पक्ष में जनमत तैयार करने का काम कर रहे हैं। 13 अप्रैल 2021 में ही सुनील अरोड़ा अपने पद से रिटायर भी हो रहे हैं। क्या ये ऑफ्टर रिटायरमेंट पैकेज के लिए किया गया फैसला है?

चीफ इलेक्शन कमिश्नर की इस मंशा पर प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बंगाल में आठ चरणों में चुनाव करवाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ये भाजपा के कहने पर करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने वही किया जो भाजपा ने कहा।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि जब तीन राज्यों में एक चरण में और असम में तीन चरणों में चुनाव कराया जा रहा है तो बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराने का फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि एक ही जिले में दो-तीन चरणों में चुनाव क्यों कराए जा रहे हैं, यह भाजपा ने जानबूझ कर करवाया है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन, भाजपा को बंगाल की जनता जवाब देगी। उन्होंने कहा कि खेल जारी है, हम खेलेंगे और जीतेंगे।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर होगा। दूसरे चरण का मतदान एक अप्रैल को चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर होगा। तीसरे चरण का चुनाव छह अप्रैल को 31 विधानसभा सीटों पर होगा। चौथे चरण का मतदान 10 अप्रैल को 44 विधानसभा सीटों पर होगा। पांचवें चरण का मतदान 17 अप्रैल को 44 विधानसभा सीटों पर होगा। छठे चरण में 22 अप्रैल को 43 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। सातवें चरण में 26 अप्रैल को 36 विधानसभा सीटों पर और अंतिम और आठवें चरण में 29 अप्रैल को 35 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा।

सीपीआई-एमएल महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने ट्वीट करके कहा है, “चेन्नई में पांच दिवसीय टेस्ट मैच अहमदाबाद में दो दिवसीय प्रकरण बन जाता है। तमिलनाडु में एक दिन में चुनाव पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में फैल जाता है। क्या आप में से कोई भी इस नंबर गेम की व्याख्या कर सकता है?

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