गोवाः संरक्षित भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस का लाठीचार्ज

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पिछले दो दिनों से आंदोलनरत गोवा के मेलाउली गांव के स्थानीय निवासियों पर गोवा पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठियां भांजी हैं। आदिवासी समुदाय के इन लोगों की ख़ता ये है कि ये लोग अपने जल, जंगल और ज़मीन को लेकर बहुत सचेत हैं और ये इसे सरकार और कॉरर्पोरेट के हवाले नहीं करना चाहते हैं।

बता दें कि उत्तरी गोवा जिले के मेलाउली गांव में गोवा सरकार द्वारा आईआईटी के लिए ज़मीन अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कल मंगलवार 5 जनवरी को सरकारी अधिकारी ने IIT के लिए प्रस्तावित जगह पर चुपके से सर्वेक्षण का काम शुरू किया ही था कि तभी वहां के स्थानीय आदिवासी ग्रामीण विरोध करने लगे। पुलिस को जंगल के भीतर उक्त ज़मीन तक पहुंचने से रोकने के लिए प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए थे।

इन प्रदर्शनकारियों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या ज़्यादा थी। हालांकि कल भी पुलिस पूरी तैयारी से छह पुलिस वैन के साथ गई थी बावजूद इसके कल गोवा पुलिस को प्रदर्शनकारियों के दबाव में वहां से लौटना पड़ा था।

लेकिन आज पुलिस ज़्यादा संख्या में पहुंची और विरोध करने वालों पर लाठीचार्ज किया। दरअसल रात भर में स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल के भीतर जाने के रास्ते बंद कर दिए थे और जबर्दस्ती करने पर पुलिस के सामने संघर्ष पर उतर आए, जिसके बाद बदले की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों पर क्रूरता से लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं।

बता दें कि मेलाउली एक पर्यावरण संरक्षित (ईएसए) क्षेत्र है। मेलाउली के दोनों तरफ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हैं। क्षेत्र के आदिवासी और पर्यावरण कार्यकर्ता और विशेषज्ञ शुरू से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं किंतु सरकार अपनी जिद पर अड़ी है और अब जबरन वहां सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। गोवा के मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को इस क्षेत्र को ईएसए से बाहर करने के लिए पत्र लिखा है।

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