संस्कृति-समाज फ़ैज़ की जयंतीः ‘अब टूट गिरेंगी ज़ंजीरें, अब जिंदानों की खैर नहीं’ by ज़ाहिद खान February 13, 2021February 14, 2021 उर्दू अदब में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का मुकाम एक अजीमतर शायर के तौर पर है। वे न… Read More
लेखक उर्दू के क्लासिक अदब को जिंदा कर गए शम्सुर्रहमान फारूकी by Janchowk January 2, 2021January 2, 2021 यह सन् 1998 की बात है। तब मैं प्रकाशन विभाग से निकलने वाली उर्दू मैगजीन आज कल… Read More
संस्कृति-समाज हंसाते हुए संजीदा कर देने वाले शायर अकबर इलाहाबादी by नाज़िश अंसारी November 18, 2020November 18, 2020 दबंग फिल्म में सलमान खान का dialogue आपने सुना होगा ‘मैं दिल में आता हूं समझ में… Read More
लेखक राहत की स्मृति: ‘वो गर्दन नापता है नाप ले, मगर जालिम से डर जाने का नहीं’ by ज़ाहिद खान August 17, 2020August 19, 2020 अब ना मैं हूं ना बाक़ी हैं ज़माने मेरेफिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरेकुछ ऐसे… Read More