आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: क्या मशीनें हमें और अधिक ‘मानव’ बना सकती हैं?
मानव सभ्यता का विकास हमेशा अंतर्विरोधी यात्रा रही है-एक ओर प्रकृति से स्वतंत्र होने की आकांक्षा, तो दूसरी ओर उसकी गोद में लौटने की अवचेतन [more…]
मानव सभ्यता का विकास हमेशा अंतर्विरोधी यात्रा रही है-एक ओर प्रकृति से स्वतंत्र होने की आकांक्षा, तो दूसरी ओर उसकी गोद में लौटने की अवचेतन [more…]
एक बात स्पष्ट है कि जब एक वर्ग-विभाजित दुनिया और समाज में कोई भी तकनीक वर्ग-निरपेक्ष नहीं हो सकती, तो भला कृत्रिम बुद्धिमत्ता इसका अपवाद [more…]
चीन के एक स्टार्टअप द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई, यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ‘‘डीपसीक आर-1’ के लांच होते ही अमरीका से टोकियो तक तकनीकी कंपनियों के [more…]
भारत को अब तकनीकी क्रांति का उपभोक्ता बनकर रहने की मानसिकता से बाहर आना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ तकनीकी उन्नति का विषय नहीं, बल्कि [more…]
आज के तेज़ी से बदलते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में दो प्रमुख लैंग्वेज मॉडल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं: OpenAI का ChatGPT और [more…]
कल्पना कीजिए-आप चैटजीपीटी खोलते हैं और अचानक एक नया आइकन दिखता है: “Use More Intelligence”। आप इसे दबाते हैं, और यह नीला हो जाता है। [more…]
पहले सिलिकॉन वैली में सॉफ्ट इंजीनियर रह चुके और अब अमेरिका के अरबपति बिजनेसमैन मार्क एंड्रीसेन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) मॉडल डीपसीक आर-1 को तकनीक [more…]
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संपूर्ण मानवता के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने जा रहा है या यह उसके अस्तित्व के लिए खतरा साबित होने [more…]
पूंजीवाद (Capitalism) ने पिछले कुछ दशकों में विश्वभर में अपनी शक्ति और प्रभाव स्थापित किया है, लेकिन यह भी सच है कि इसके साथ कई [more…]
हाल के वर्षों में डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से वृद्धि ने हमें कैपिटलिस्ट दुनिया से निकाल कर एक नए पोस्ट कैपिटलिस्ट [more…]