याद करें लंदन की संसद में 5 मई, 1789 की तारीख को। ‘न्याय के शाश्वत नियमों’ के… Read More
democracy
मामला अयोध्या बनाम अनइंप्ल्वायमेंट का है। यानि मंदिर बनाम बेरोजगारी। दस साल के आखिर में जब केंद्र… Read More
आज जब लोकतंत्र पर अघोषित तानाशाही हावी होती जा रही है और संवैधानिक मूल्यों की उपेक्षा की… Read More
यह अजीब विडंबना है कि देश के लोकतंत्र को 75 साल से ऊपर हो गए हैं। लेकिन… Read More
यह दौर अपने आप में कितना भयावह है इसकी झलक हम भारत में तो देख ही रहे… Read More
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में शुक्रवार को एक और काला पन्ना जुड़ गया। यह इबारत कहीं और… Read More
पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों में… Read More
हमारे देश के चुनावों को करोड़पतियों ने हाईजैक कर लिया है। जितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरते… Read More
वाराणसी। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तम्भ माना जाता है, यहां तक कि जब कहीं सुनवाई नहीं होती… Read More
पिछले दिनों जब अचानक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया, तो उसके एजेंडा को लेकर देश में… Read More