Sunday, November 28, 2021

Add News

democracy

बिस्मिल-अशफाक के शहादत दिवस 19 दिसंबर को लखनऊ में होगा नागरिकता बिल के खिलाफ विशाल जनप्रतिरोध

देश भर में हो रहे भारी विरोध के बावजूद संसद के दोनों सदनों से विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित करवाने को रिहाई मंच ने संविधान विरोधी करार दिया है। सरकार की तानाशाही के खिलाफ समान विचारधारा वाले संगठनों...

संघ-भाजपा को अब सेक्युलरिज़्म की चिंता क्यों सताने लगी!

संघ और भाजपा के कट्टर समर्थकों को भले ही सांप सूंघ गया हो पर उनके प्रच्छन्न समर्थक खामोश नहीं हैं। बहुत से प्रच्छन्न समर्थक शिव सेना और कांग्रेस के साथ आने पर व्यंग्य करते हुए ऐसी टिप्पणियां कर रहे...

महाराष्ट्रः लोकतंत्र के लिए नया सवेरा साबित हुआ संविधान दिवस

महाराष्ट्र में चार दिन तक चले सियासी  ड्रामे का पटाक्षेप हो गया है। इसका क्लाइमेक्स सोमवार को मुंबई के ग्रैंड हयात होटल में 162 विधायकों की परेड से ही शुरू हो गया था। महाराष्ट्र की सियासत के चाणक्य कहे...

रात के अंधेरे में एक बार फिर जिबह हुआ लोकतंत्र!

यह महाराष्ट्र का इमरजेंसी मोमेंट था। जब रात के अंधेरे में एक बार फिर लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। हत्या में केवल बीजेपी के नेता और केंद्र सरकार ही नहीं बल्कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल थे।...

भारतीय समाज के लोकतंत्रीकरण की लड़ाई आगे बढ़ाने की जरूरत

नौ नवंबर 2019 को बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सरल लोगों की उम्मीद के विपरीत जो यह समझते थे कि राजनीतिक राम का विवाद समाप्त हुआ, अब आगे बढ़ने की जरूरत है,...

भारत में क्यों विफल हुई वाम लोकतांत्रिक ताकतें? रास्ता किधर है?

किसी ने सोचा तक न था कि यह देश धर्म के नाम पर इस कदर विभाजित हो जाएगा। सारे मुद्दे गौण हो जाएंगे और एक फासिस्ट ताकत पूरे देश पर काबिज हो जाएगी। आजादी के बाद से ही एक बेहतर समाज के...

कारपोरेट राजनीति के बदलाव का गांधीवादी तरीका

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने पर कई संजीदा साथियों ने गहरी चिंता व्यक्त की कि नरेंद्र मोदी की एक बार फिर जीत संविधान और लोकतंत्र के लिए बहुत बुरा संकेत हैं। पिछले पांच सालों के दौरान धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील साथियों से...

प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखना ‘लोकतंत्र में अविश्वास’ कैसे?

क्या कोई लोकतंत्र सवाल, बहस और सशक्त विपक्ष के बिना निष्पक्षता से काम कर सकता है?  अच्छाई के लिए होने वाले आंदोलनों में जनता और सरकार आमने-सामने होते हैं, लेकिन इस बार सरकार तो है लेकिन जागरूक जनता के कई धड़े बन चुके...

बीमार लोकतंत्र का लक्षण हैं हिंसक जनप्रतिनिधि

पिछले कुछ दिनों में अनेक युवा जन प्रतिनिधियों ने गलत कारणों से सुर्खियां बटोरीं। कीचड़बाज नीतेश राणे, बल्लेबाज आकाश विजयवर्गीय और पिस्तौलबाज कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन सभी हिंसा के चैंपियन बनने की कोशिश करते नजर आए। हो सकता है...
- Advertisement -spot_img

Latest News

किरण रिजिजू के बयान को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा

आगरा में इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ की स्थापना विचाराधीन होने के केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू के...
- Advertisement -spot_img