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सत्ता के अंधकार में घुटती आवाजों के बीच उद्घोष बनकर उभरे हैं प्रशांत

हमारे देश में लाखों मुकदमे सुनवाई के लिए पड़े हैं, कितने बलात्कार, कत्ल, धोखाधड़ी, जमीनों पर कब्जे… Read More

मौजूदा और आपातकाल के दौर को छोड़ दें तो शेष में गौरवशाली रहा है न्यायपालिका का इतिहास

एक जमाना न्यायिक सक्रियता का हुआ करता था। सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट, जनहित के मुद्दे पर मुखर… Read More