Sunday, October 24, 2021

Add News

king

स्मृति शेष अशेष: 20 साल बाद भी नहीं उठा नेपाल के शाही हत्याकांड से पर्दा

·बाबु हाम्रो राजा लाय परिवार सहित मारियो कसैलाय जीवित छोरे न तिम्रो पनि राजा लाय मारियो तर तिम्रो राजाका संतान र रानी त जीवित छ। तर हामरा राजाका वंश सखाप पारियों एक जून 2001 को रात्रि भोजन के दौरान नेपाल...

कोहिनूर: समृद्धि नहीं, शासकों के नाश का कारण बना!

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का एक ट्वीट चर्चा में है जिसमें वे नरेंद्र मोदी के लिये कह रहे हैं कि, "यह कोहिनूर हीरा भारत को 500 वर्षों बाद मिला है खोने मत देना।" यह ट्वीट 26 मई, 21 को 11.01 बजे का...

मार्टिन लूथर की जयंती: पादरी से आन्दोलनकारी तक का सफर

25 मई, 2020 को अमेरिका में एक घटना घटी, जिसमें एक श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड नाम के अश्वेत नागरिक का गला घोटने से दबाकर मार दिया गया, घटना बीच सड़क पर हुई, जिसको वहां मौजूद...

हजार साल बाद हमारे राजनीतिक इतिहास की क्लास

समय आज से एक हजार साल बाद की कोई शाम। एक रोबोटिक गुरु किशोर वय के विद्यार्थियों को शिक्षाप्रद कहानियों के माध्यम से देश के राजनीतिक इतिहास का ज्ञान करा रहे हैं और साथ ही व्यवहारिक राजनीति का ऑनलाइन...

ब्लैक लाइव्स मैटर: अमेरिका-पश्चिमी यूरोप में जनांदोलन की लहर के मायने

आधुनिक युग में मानव जाति की नियति तय करने वाली पश्चिमी दुनिया (साम्राज्यवादी दुनिया) विशेषकर अमेरिका ब्लैक लाइव्स मैटर नामक एक बड़े जनांदोलन की चपेट में है, 1960 के दशक में मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नेतृत्व में ब्लैक...

शाहूजी महाराज; एक राजा, जिसने रखी देश में लोकतंत्र और सामाजिक बराबरी की नींव

छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म 26 जुलाई, 1874 ई. को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। उनके बचपन का नाम यशवंत राव घाटगे था। उनके पिता का नाम जयसिंह राव घाटगे तथा माता का नाम राधाबाई साहेब था। कोल्हापुर...

ब्लैक्स के बर्बर दमन की जिंदा तस्वीर है सिविल राइट्स मेमोरियल

400 वॉशिंगटन एवेन्यू मोंटेगोमेरी, अल्बामा, अमेरिका। यह सिविल राइट्स मेमोरियल का पता है। यह मेमोरियल उन लोगों की याद को सहेजता है जो अमेरिका में 1954 से लेकर 1968 के बीच नस्लीय भेदभाव मिटाने और सबको बराबर अधिकार दिलाने...

शाहू महाराज : एक राजा जिसकी सामाजिक प्रतिबद्धता प्रगतिशीलों से ज़्यादा थी

कोल्हापुर के शाहू महाराज (26 जुलाई 1874 – 6 मई 1922) को छत्रपति और राजर्षि भी कहा जाता है। यह यक़ीन करना बेहद मुश्किल है कि ऐसा कोई राजा या सामंत सचमुच था जिसकी सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता उस दौर...
- Advertisement -spot_img

Latest News

कोविड काल के दौरान बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का हुआ बड़े स्तर पर ह्रास

कोविड काल में बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का काफी बड़ा नुकसान हुआ है। इसका खुलासा ज्ञान विज्ञान समिति...
- Advertisement -spot_img