दलित साहित्यकारों और एक्टिविस्टों ने आधुनिकता के मुहावरे और ढांचे में अपने संघर्ष को स्थापित किया है।… Read More
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वाराणसी। प्रेमचंद जी कहते हैं कि समाज में ज़िन्दा रहने में जितनी कठिनाइयों का सामना लोग करेंगे उतना… Read More
डॉ.परमानंद सिंह यानी पीएन सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके जाने से सचमुच शदीद रंज-ओ-मलाल है।… Read More
देश के हिन्दी के जाने-माने आलोचकों में से एक विजय बहादुर सिंह को आमतौर पर उनकी देशज… Read More
निर्विवाद रूप से यह यह स्वीकार्य है कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर एक विलक्षण प्रतिभा के धनी व्यक्ति… Read More
(कल कवि और पत्रकार अजय सिंह की कविताओं के नये संकलन ‘यह स्मृति को बचाने का वक्त… Read More
कमलेश्वर एक बहुआयामी प्रतिभा से संपन्न साहित्यकार थे। कमलेश्वर ने उपन्यास, कहानी, नाटक, संस्मरण, पटकथा विधाओं में… Read More
(देश के साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों, लेखकों, कवियों और बुद्धिजीवियों ने एक साझा अपील जारी की है जिसमें उन्होंने… Read More
जेवी पवार दलित-पैंथर के संस्थापकों में एक रहे हैं। इस संगठन ने 1970 के दशक के शुरूआती… Read More
रामवृक्ष बेनीपुरी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने गद्य-लेखक, शैलीकार, पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी, समाज-सेवी, हिंदी प्रेमी, निबंधकार और… Read More