(हवा में रहेगी मेरे ख्यालों की बिजली ये मुश्ते ए खाक है फानी रहे न रहे) भगत… Read More
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(मार्क्स का पेशा था- दुनिया की वैज्ञानिक व्याख्या और दुनिया को बदलने के लिए क्रांतिकारी व्यवहार।) दुनिया… Read More
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका के हाथ में साम्राज्यवादी दुनिया का नेतृत्व आया।साम्राज्यवादी अमेरिका की विस्तारवादी… Read More
नेपाल में एक लुटेरी भ्रष्ट कम्युनिस्ट सरकार को जिस अपमानजनक तरीके से, युवाओं के आक्रोश ने हिंसक… Read More
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साम्राज्यवाद और उनके संरक्षण में भारतीय नवाबों, नरेशों, राजाओं, सामंतों, रजवाड़ों और रियासतों के खिलाफ… Read More
कुछ किताबें ऐसी होती हैं, जिन्हें बिना रोये पढ़ना बहुत मुश्किल होता है। ऐसी ही एक किताब… Read More
राजनीतिक विमर्श में भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि एक वैचारिक हथियार भी होती है। शब्दों… Read More
नक्सलबाड़ी आन्दोलन के दौरान जब कॉमरेड चारू मजूमदार के नेतृत्व में CPI (ML) की पहली कांग्रेस 1970… Read More
विरसम द्वारा प्रकाशित और पी अरविंद और बी अनुराधा द्वारा संपादित किताब ‘वियुक्का’ जिसका गोंडी में अर्थ… Read More
पहली बात कि भगत सिंह का मानना था कि ब्रिटिश साम्राज्य भारत के बहुसंख्यक लोगों के हितों… Read More