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मुश्किल तो अपने समय के सैकड़ों भगत सिंह के साथ खड़ा होना है- संदर्भ भगत सिंह शहादत दिवस

पहली बात कि भगत सिंह का मानना था कि ब्रिटिश साम्राज्य भारत के बहुसंख्यक लोगों के हितों… Read More

शहीद जगदेव बाबू: वर्ण-जातिवादी समाज में सच्ची वर्गीय-मार्क्सवादी दृष्टि सम्पन्न चिंतक-विचारक और शहीद 

मेहनतकश बहुजन समाज में 2 फरवरी, 1922 को जन्मे जगदेव प्रसाद जितने बड़े क्रांतिकारी नेता और संगठनकर्ता… Read More

हैदराबाद: सजल नेत्रों, गम एवं गुस्से तथा नये संकल्पों के साथ हुई साई बाबा की अंतिम विदाई

जिस धज से कोई मकतल में गया वो शान सलामत रहती है  ये जान तो आनी जानी… Read More

दोराहे पर खेती: क्या जैविक खेती रासायनिक खरपतवारनाशकों की खपत बढ़ाने का बहाना है?

एनडीए की सरकार किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य व कर्ज मुक्ति की मांगों के विरुद्ध तो है… Read More

शहीद भगत सिंह का लेख: करतार सिंह सराभा की रग-रग में समाया था क्रांति का जज्बा

(शहीद करतार सिंह सराभा वो बहादुर क्रांतिकारी थे, जिनसे शहीद-ए-आज़म भगत सिंह भी हद दर्जे तक मुतास्सिर… Read More

जन्मदिवस पर विशेष: इंक़लाब, तब्दीली और उम्मीद के शायर मजाज़

दीगर शायरों की तरह मजाज़ की शायराना ज़िंदगी की इब्तिदा, ग़ज़लगोई से हुई। शुरुआत भी लाजवाब हुई,… Read More

जयंती पर विशेष: पूंजीवाद के जयघोष के दौर में कार्ल मार्क्स की याद         

पूंजीवाद की जय और साम्यवाद की पराजय के उद्घोष के इस दौर में वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता… Read More

 ‘हिमालय दलित है’ कविता के परंपरागत प्रतिमानों को ध्वस्त करता संग्रह

‘हिमालय दलित है’ मोहन मुक्त का पहला कविता संग्रह है। संग्रह की कविताएं धधकते लावे की तरह… Read More