Wednesday, December 8, 2021

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भारत में ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिसका असर बांग्लादेश पर पड़े और नुकसान हिंदू समुदाय को पहुंचे: शेख हसीना

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“भारत में भी ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिसका असर बांग्लादेश पर हो और वहां के हिंदू समुदाय को नुकसान पहुंचे।” – उपरोक्त बात बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत की दक्षिणपंथी सरकार को नसीहत देते हुये कही है। जिनकी शह पर भारत में अल्पसंख्यक आबादी पर दमन का एक बर्बर अध्याय लिखा जा रहा है। तो क्या एक देश की बहुसंख्यक आबादी द्वारा वहां के अल्पसंख्यकों पर किया गया दमन दूसरे देश के अल्पसंख्यक आबादी पर दमन का कारण बनता है। हाल के दिनों में पाकिस्तान, बंग्लादेश में ये चलन तेजी से देखा गया है।

बांग्लादेश के चांदीपुर के हाजीगंज उप जिला में 13 अक्टूबर बुधवार को दुर्गा पूजा समारोह के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई और क़रीब 60 लोग घायल हो गए। बांग्लादेश के अंग्रेजी अख़बार ‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक एक फेसबुक पोस्ट में कुरान के कथित अपमान के कारण हिंसा भड़की थी और इसके बाद कई दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ और हिंसा हुई। इन हमलों में बांग्लादेश के चांदपुर में 4 लोगों की मौत हुई है।

कोई मायने नहीं रखता है कि दोषी किस मज़हब का है, सज़ा मिलेगी

बांग्लादेश के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार ‘ढाका ट्रिब्यून’के अनुसार, शेख़ हसीना ने कहा कि कोई मायने नहीं रखता है कि दोषी किस मज़हब का है, दोषियों को पकड़ा जाएगा और उन्हें सज़ा मिलेगी। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इसकी कड़ी निंदा की है। चेतावनी देकर कहा है कि जो कोई भी इस हमले में शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो किसी भी धर्म का हो।

हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुये किसी भी धर्म के आरोपियों को न बख्शने का सख्त निर्देश देते हुये बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि दुनिया भर में आतंकी गतिविधियों का उभार हो रहा है। ना केवल हमारे देश को बल्कि पड़ोसी देशों को भी इसे लेकर सतर्क रहना चाहिए।

उन्होंने भारत का नाम लेते हुये स्पष्ट कहा कि “भारत ने हमारी आजादी की लड़ाई में बहुत मदद की है और इसके लिए हम हमेशा कृतज्ञ रहेंगे। लेकिन भारत में भी ऐसा कुछ नहीं किया जाना चाहिए जिसका असर हमारे देश पर पड़े और हमारे देश के हिंदू समुदाय के लोगों को नुकसान पहुंचे। उन्हें भी इसे लेकर थोड़ी सतर्कता बरतने की ज़रूरत है”।

ये टेक्नोलॉजी का दौर है, हमलावरों को ढूंढ निकालेंगे

सांप्रदायिक हिंसा में हिंदू दंगाइयों के प्रति प्रशासन को उदार रहने, उनको अपना गुस्सा निकालने की छूट देने, हिंसा और दंगा को क्रिया की प्रतिक्रिया बताकर उन्हें जस्टीफाई करने, मॉब लिंचिंग को जनता का त्वरित न्याय कहकर जस्टीफाई करने और हत्यारों के स्वागत सम्मान के लिये अपने मंत्री सांसदों को भेजकर उन्हें फूल माला पहनाने मिठाई खिलाने के लिये भेजना, अपने मंत्रियों से मुस्लिम बच्ची के गैंगरेप हत्या के आरोपियों के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकालने वालों पर को़ई कार्रवाई न करने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के उलट बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिंदू पूजा पंडालों और हिंदू समुदाय के लोगों पर हमला करने वाले मुस्लिम कट्टरपंथियों को निशाने पर लिया है।

घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शेख हसीना ने मुस्लिम कट्टरपंथियो के बारे में कहा कि ये वो लोग हैं जो दूसरों का विश्वास नहीं जीत पाते हैं और जिनकी किसी तरह की कोई विचारधारा नहीं होती है, वही लोग ऐसे हमलों को कराते हैं। हमें इस मामले में काफ़ी जानकारियां मिल रही हैं। हम निश्चित तौर पर उन लोगों को ढूंढ निकालेंगे जिन्होंने ये हमला किया है। ये दौर टेक्नोलॉजी का है। हमने पहले भी ऐसा किया है और हम भविष्य में भी ऐसा करते रहेंगे। उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी ताकि भविष्य में लोग इस तरह की घटना को ना दोहरा सकें।

आज़ादी की लड़ाई में अल्पसंख्यक हिंदुओं की महत्वपूर्ण भूमिका

बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई में अल्पसंख्यक हिंदुओं की भूमिका को रेखांकित करते हुये शेख हसीना ने कहा कि हिंदुओं ने भी 1971 के युद्ध में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी है और उन्हें भी बाकी धर्मों के लोगों की तरह ही अधिकार हासिल हैं।

शेख हसीना ने हिंदू समुदाय के लोगों से कहा कि वे खुद को अल्पसंख्यक ना समझें और बाकी धर्मों के अनुयायियों की तरह अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते रहें।

इसके साथ ही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने लोगों से भी अपील की कि ऐसे असामाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ उन्हें चौकन्ना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में लोग जात-पात और धर्म से ऊपर उठकर सभी त्योहारों को एक साथ मनाते हैं। धर्म किसी भी इंसान के लिए पर्सनल होता है लेकिन त्योहार समुदाय और लोगों के साथ मनाने के लिए होते हैं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना ने आगे कहा कि ये घटना एक ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस घटना का मक़सद हमारे देश की प्रगति को नुकसान पहुंचाना है। कुछ लोग धार्मिक तौर पर अंधभक्त होते हैं और वे हमेशा सांप्रदायिक तनाव या हिंसा फैलाने की कोशिशों में लगे रहते हैं। ऐसे लोग सिर्फ़ मुस्लिम समाज में ही नहीं बल्कि बाकी धर्मो में भी होते हैं। लेकिन अगर हम साथ मिलकर काम करें तो ऐसे लोग हमें नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं।

हिंदू समुदाय के प्रतिनिधि ने प्रधानमंत्री हसीना से चिंता जाहिर की

वहीं बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के लोगों ने भी पंडालों पर हमले के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के सामने अपनी चिंता जाहिर की है। बांग्लादेश पूजा सेलिब्रेशन काउंसिल के अध्यक्ष मिलन कान्ति दत्त ने कहा कि पूजा पंडाल में हुई हिंसा की वजह से देश भर के हिंदुओं में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। हिंदुओं के ख़िलाफ़ व्यस्थित हमले हो रहे हैं और उनके मन में डर का भाव पैदा हो गया है।

वहीं बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने भी ट्वीट करके कहा है कि, ’13 अक्टूबर 2021, बांग्लादेश के इतिहास में एक निंदनीय दिन था। अष्टमी के दिन मूर्ति विसर्जन के मौके पर कई पूजा मंडपों में तोड़फोड़ की गई। हिंदू अब पूजा मंडपों की रखवाली कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया चुप है। मां दुर्गा अपना आशीर्वाद दुनिया के सभी हिंदुओं पर बनाए रखें।

भारत ने बांग्लादेश की कार्रवाई को संतोषजनक बताया

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने आज साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश की कार्रवाई को संतोषजनक बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि बांग्लादेश में धार्मिक समारोह के दौरान हिंसा की ख़बरें हमने देखी हैं। बांग्लादेश की सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और हालात पर काबू करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की। बांग्लादेश की सरकार और वहां की जनता के सहयोग से ही दुर्गा पूजा समारोह हो पाया। हम बांग्लादेश सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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