Wednesday, June 29, 2022

capitalist

महज एक आइसबर्ग है रूस-यूक्रेन युद्ध

दुनिया आज जिस रूस-यूक्रेन युद्ध को दम साधे देख रही है, वह एक आइसबर्ग की तरह है। जिसका एक छोटा-सा हिस्सा दिखाई दे रहा है जबकि सतह के भीतर बहुत कुछ अदृश्य है। आगे बढ़ने से पहले थोड़ा पीछे चलते...

समसामयिक संदर्भ में भगत सिंह

भगत सिंह को भारत के सभी विचारों वाले लोग बहुत श्रद्धा और सम्मान से याद करते हैं। वे उन्हें देश पर कुर्बान होने वाले एक जज्बाती हीरो और उनके बलिदान को याद करके उनके आगे विनत होते हैं। वे...

आजादी के आंदोलन की सभी उपलब्धियों को पलटा जा रहा है: शैली स्मृति व्याख्यान में विक्रम सिंह

भोपाल।"मौजूदा निज़ाम अपनी नीतियों से सिर्फ आवाम की मुश्किलें ही नहीं बढ़ा रहा है, वह स्वतंत्रता आंदोलन की ढांचागत, राजनैतिक और वैचारिक हर तरह की उपलब्धियों को भी पलट रहा है।" शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान 2021 में बोलते हुए एसएफआई...

लाल झंडे ने दी है किसान आंदोलन को स्थिरता

वामपंथियों को आँख मूँदकर गाली देने वाले आजकल के कथित सत्ता के चाटुकार पत्रकारों, लेखकों, सम्पादकों, भाँड़ मीडिया के एंकरों और कथित साहित्यकारों को भारत के वर्तमान समय में सत्तासीन पूँजीपतिपरस्त सरकार के दंगाई, फॉसिस्ट, जनविरोधी, कार्पोरेट हितैषी कर्णधारों...

मोदी जी! प्रधानमंत्री चंद पूंजीपतियों का नहीं, पूरी जनता का होता है हितरक्षक

कितने दुःख, अफसोस और हतप्रभ करने वाली बात है कि वर्तमान समय में भारत का सत्तारूढ़ प्रधानमंत्री 2014 के चुनाव से पूर्व अपनी लगभग हर जनसभाओं में इस देश की आवाम या आम भारतीय जनता के सामने अपनी गर्दन...

वर्ग और जाति के बीच की केमेस्ट्री

वीरेन्द्र यादव की फेसबुक वॉल पर जाति और वर्ग के बारे में डा. लोहिया के विचार के एक उद्धरण* के संदर्भ में : जाति हो या वर्ग, दोनों ही सामाजिक संरचना की प्रतीकात्मक श्रेणियाँ (Symbolic categories) हैं। भले कभी...

आखिर नक्सलवाद के नाम पर कितने आदिवासी और सुरक्षाबल के जवानों की बलि चढ़ेगी ?

अभी पिछले दिनों 4 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक मुठभेड़ में 22 जवानों की निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी थी। इस दुःखद घटना के तुरंत बाद भारत के गृहमंत्री का एक घिसापिटा बयान आ गया...

माओवादियों को खत्म करने से नहीं होगा समस्या का अंत

हाल में छत्तीसगढ़ में चौबीस सिपाहियों की मृत्यु हुई। सारा देश इस खबर से दुखी हुआ। गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ गये। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से माओवाद से निर्णायक युद्ध की घोषणा की। सोशल मीडिया और चैनलों पर बदला लेने...

देश में पूंजीपतियों का, पूंजीपतियों के लिए व पूंजीपतियों के द्वारा बनायी गयी सरकार ही चल रही है

हमारे देश से अंग्रेजों के गये हुए 74 वर्ष पूरे होने वाले हैं। क्या इन 74 वर्षों में भी हमारे देश की जनता को वास्तविक आजादी मिली है? यह सवाल उठा रहा है। और सवाल उठाया है ‘झारखंड जन संघर्ष मोर्चा’...

चुनावों में हस्तक्षेप का निर्णय और उसके खतरे: संदर्भ किसान आंदोलन

अंततः किसान आंदोलन के नेताओं ने यह निर्णय ले ही लिया कि पांच राज्यों में हो रहे विधान सभा चुनावों में संबंधित प्रदेशों का दौरा कर वे मतदाताओं से भाजपा को उसके किसान विरोधी रवैये के मद्देनजर सत्ता से...
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छत्तीसगढ़: भूमि अधिकार आंदोलन के तहत आयोजित हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास्टोरल सेंटर में भूमि अधिकार आंदोलन का राज्य सम्मेलन आयोजित हुआ। 28 जून...
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