Saturday, July 2, 2022

history

विषकाल के आठ साल

आज़ादी के मंथन से संविधान नाम का अमृत निकला था। जिसे विकारी संघ की सरकार विष में बदल रही है। विगत आठ साल से मोदी सरकार चुन-चुन कर संविधान की जड़ों को ध्वस्त कर रही है। बहुमत को बहुलतावाद...

मुग़ल साम्राज्य से शर्म कैसी?

देश के वर्तमान शासकों के लिए आजकल इतिहास बदलने की जैसे हड़बोंग सी मची हुई है। साम्प्रदायिक आधार पर इतिहास को नकारने और नए सिरे से लिखे जाने के शोर में सच जैसे कहीं दब सा गया है। तकरीबन दो...

लोकसभा चुनाव तक हर विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला 

इस समय पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों से लेकर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव तक जितने भी राज्यों में विधानसभा का चुनाव होना है, उनमें से एक उत्तर प्रदेश को छोड़ कर...

आज बुझा दी जाएगी इंडिया गेट पर 50 साल से जल रही अमर जवान ज्‍योति

भारत के इतिहास और ऐतिहासिक महत्व की चीजों को नस्तोनाबूत करने में जुटी नरेंद्र मोदी सरकार के निशाने पर अब इंडिया गेट पर विगत 50 वर्षों से जल रही अमर जवान ज्‍योति आ गई है। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी...

अंग्रेजों ने इतिहास लेखन के जरिए भारत में बोया सांप्रदायिकता का बीज

(आज, हमारे आस-पास, नफरत का जो माहौल है, उसकी एक वजह, घृणित इतिहास लेखन भी है। और इसकी शुरुआत औपनिवेशिक काल से होती है। शायद इसकी शुरुआत, इलियट और डाउसन की 8 भागों में प्रकाशित (1849) पुस्तकों से होती...

बांग्ला दलित साहित्य का शब्दकोश: डॉ. सुरजीत कुमार सिंह

“तुम जितनी ही सीख लो धनुर्विद्या, अर्जुन सदा तुम्हारा अगूंठा काटता ही रहेगा। क्योंकि उसके सिर पर एकाधिक, द्रोणाचार्यों के वरद हस्त हैं”।। -- ‘लंतराई के एकलव्य’ पूर्वोत्तर के कवि विजय देववर्मा की कविता की लाइनें (इसी पुस्तक के पृष्ठ 126 से)। सुप्रसिद्ध बांग्ला...

किसानों की आत्महत्याएं बताती हैं कृषि संकट की गहराई

किसान आत्महत्याओं के बारे में जानने के लिए इसका इतिहास जान लेना भी आवश्यक है। और इसे महाराष्ट्र राज्य के संदर्भ में जानना तर्कसंगत होगा। सन 1990 में अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' के ग्रामीण मामलों के संवाददाता पी. साईंनाथ...

राजनीति और धर्म का गठबंधन सबसे ज़्यादा ख़तरनाक़: नेहरू

पंडित जवाहर लाल नेहरू का भारतीय इतिहास में अविस्मरणीय योगदान है। परतंत्र भारत में पंडित नेहरू की अहमियत जहां देश को आज़ाद कराने के लिए किए गए उनके अथक प्रयासों के चलते है, तो वहीं स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री...

नेहरू में थी अद्भुत लेखकीय क्षमता

जवाहरलाल नेहरू अगर प्रधानमंत्री न होते, तो भी यह विश्व उन्हें एक महान लेखक याद रखता। एक ऐसा लेखक, जिसकी इतिहास दृष्टि ने इस देश की संस्कृति की अलग तरह से व्याख्या की देश की सांस्कृतिक विरासत को व्याख्यायित...

आरजेडी सांसद मनोज झा का नेहरू जी को पत्र

मैं इन बातों को लिखने की सोच रहा हूं क्योंकि हर दिन आपके और आपके प्रिय विचारों के खिलाफ मिथ्या अभियान चलाए जाते हुए देखता हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जो कोई भी भारत को समझना...
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कितना कारगर हो पाएगा प्लास्टिक पर प्रतिबंध

एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध एक जुलाई से लागू हो गया। प्लास्टिक प्रदूषण का बड़ा स्रोत है और...
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