Friday, July 1, 2022

Muslims

भारत में लोगों के अधिकारों में भयानक कटौती; आलोचकों, मुसलमानों और संकटग्रस्त समूहों पर हमले बढ़े: ह्यूमन राइट्स वाच रिपोर्ट

न्यूयॉर्क। ह्यूमन राइट्स वॉच ने बुधवार को अपनी विश्व रिपोर्ट 2022 में कहा कि भारतीय सरकारी तंत्र ने 2021 में राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियोजनों का इस्तेमाल कर कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सरकार के दूसरे आलोचकों पर अपनी दमनात्मक कार्रवाई तेज कर दी है। भारत में...

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस विशेष: सिर्फ अधिकार ही नहीं अल्पसंख्यकों के वजूद पर संकट

वर्ष 2020 में कुछ जिज्ञासु शोधकर्ताओं ने यह जानने का प्रयास किया कि 2006 में आई सच्चर कमेटी की सिफारिशों के 14 वर्ष पूर्ण होने के बाद मुस्लिम अल्पसंख्यकों की स्थिति में क्या परिवर्तन आया है। उनके द्वारा एकत्रित...

क्या भारत में धर्मनिपेक्षता अतीत का अवशेष बन गई है ?

करोड़ों भारतीय आतुर थे कि हमारे देश के खिलाड़ी टोक्यो ओलम्पिक में शानदार प्रदर्शन करें और अधिक से अधिक संख्या में पदक लेकर स्वदेश लौटें। अनेक भारतीय खिलाड़ियों ने दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित खेल स्पर्धा में पदक जीते। परन्तु...

यूपी में मुस्लिमों को एक बार फिर से निशाने पर लेने के पीछे 2022 के विधानसभा चुनाव तो नहीं हैं ?

24 करोड़ की आबादी वाले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश को योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में जिस प्रकार से संचालित किया गया है, वह अपनेआप में पुलिसिया राज के साए में इतनी बड़ी आबादी को बनाये रखने...

जिस जमात को बताया था कोरोना फैलाने का दोषी, संकट में वह कर रहे हैं बढ़चढ़ कर मदद

इस समय भारत कोरोना महामारी के सबसे विकट दौर से गुजर रहा है। संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और मौतें भी। हर चीज की कमी है- अस्पतालों में बिस्तरों की, दवाईयों की, ऑक्सीजन की, जांच सुविधाओं की और...

2020 के कई कानूनों से समुदायों में बढ़ा भेदभाव, देश का सामाजिक तानाबाना भी हुआ कमज़ोर

पिछले अनेक दशकों से भारत में सांप्रदायिक दंगे, सांप्रदायिक तनाव और हिंसा का सबसे आम प्रकटीकरण रहे हैं। देश में अनेक भयावह सांप्रदायिक दंगे हुए हैं, जिनमें नेल्ली (1983), दिल्ली सिक्ख-विरोधी हिंसा (1984), भागलपुर (1989), बंबई (1992), गुजरात (2002),...

देश के 32 लाख हथकरघा कामगारों के सामने भुखमरी के हालात

वो मई का महीना था, जब दिल्ली के सीलमपुर से आशा नाम की एक महिला ने मेरे मोबाइल नंबर पर फोन कर कहा था, “राशन दिलवा दीजिए नहीं तो हम भूखे मर जाएंगे। मेरे बच्चे तीन दिन से भूखे...

भगवा आतंकियों ने शिव विहार की मदीना गली को तबाह कर दिया, नाजी मीडिया ने जानबूझकर नहीं दिखाई खबर

उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंदू बाहुल्य शिव विहार में सबसे ज़्यादा कहर ढाया गया है। इसके बावजूद मीडिया लगातार शिव विहार में हुई बर्बरता की रिपर्टिंग से परहेज कर रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि शिव...

सीएए, एनआरसी विरोधी आंदोलन से आशा और संभावनाएं

कश्मीर-समस्या, मंदिर-मस्जिद विवाद, असम-समस्या (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) और नागरिकता संशोधन कानून पर सरकार के फैसलों की चार बातें स्पष्ट हैं: (1) फैसले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की नीयत से प्रेरित हैं। (2) फैसलों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का...

ग्राउंड रिपोर्टः मजबूर कॉलोनी का नारा है, हिंदुस्तान हमारा है

‘मजबूर कॉलोनी का नारा है, हिंदुस्तान हमारा है’। ये बिल्कुल यूनिक सा नारा अपनी राष्ट्रीयता को क्लेम करते हुए अनशन पर बैठी मजबूर नगर, मंडावली दिल्ली की स्त्रियों ने गढ़ा है। बता दें कि देश में एनपीआर-एनआरसी-सीएए के खिलाफ़...
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ग्राउंड रिपोर्ट : नाम, नमक और निशान पाने के लिए तप रहे बनारसी नौजवानों के उम्मीदों पर अग्निवीर स्कीम ने फेरा पानी 

वाराणसी। यूपी और बिहार में आज भी किसान और मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे किशोरावस्था में कदम रखते ही...
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