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‘मिलकर बात करने का वायदा अधूरा रह गया मुकेश चंद्राकर’

दिल्ली। मुकेश चंद्राकर बस्तर की पत्रकारिता का वह नाम जिसे देश-विदेश से आने वाले सभी पत्रकार मिलने… Read More

बेकसूरी की सज़ा और प्रताड़ना ने ली प्रो. साईबाबा की जान

कुछ बीमारियों के चलते दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी प्राध्यापक, सामाजिक कार्यकर्ता, कवि, लेखक, विकलांगता से परेशान प्रोफेसर… Read More

‘जंगलनामा-बस्तरां दे जंगल बिच’: एक कम्युनिस्ट कार्यकर्ता का सफरनामा

जंगलनामा-बस्तरां दे जंगल बिच, यह इस किताब का पंजाबी शीर्षक है जो सन 2004 में छपी थी।… Read More

बस्तर और झारखंड में ज्यादातर सुरक्षाबल कैंप साल 2019 के बाद खोले गए: रिपोर्ट

नई दिल्ली। बस्तर में सैन्य बलों द्वारा फर्जी मुठभेड़ में इस साल जुलाई तक 141 आदिवासियों को… Read More

आदिवासियत समाप्त करने का हिंदुत्व का फंडा जारी है

विदित हो प्राकृतिक जीवन के नज़दीक रहने वाले आदिवासी हमारे पुरखे हैं जिन्हें प्रकृति संरक्षण के बारे… Read More

नागरिक सहायता केंद्र: झारखंड में जरूरतमंद व गरीबों के लिए वरदान

रांची। सरकारी बाबुओं और अधिकारियों की संवेदनहीनता और कर्तव्यहीनता के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ आमजनों तक… Read More