Tuesday, September 26, 2023

Shankaracharya

दलित स्त्री-3: स्त्रीवाद और दलित स्त्री/भ्रामक अवधारणा बनाम वास्तविक संघर्ष

1841 में भारत के वर्तमान महाराष्ट्र प्रांत में एक महार दलित परिवार में पैदा हुई मुक्ता साल्वे, जो जोतिबा फुले और सावित्री बाई फुले द्वारा स्थापित स्कूल में पढ़ती थी, ने 1855 में एक निबंध लिखा जो कि दो...

लोकतंत्र में लोक के निर्णय को राजा सुनता है, आज राजा का निर्णय लोक को मानना पड़ रहाः शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद

द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा है कि सरकार को किसान आंदोलन का तत्काल हल निकालना चाहिए। किसानों का पानी रोका जा रहा है। यह कैसी सरकार है? नोटबंदी, किसान बिल लाकर सरकार केवल एक पक्षीय निर्णय...

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पटना में दलित महिला के उत्पीड़न मामले में भाकपा माले ने की सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

    पटना। पटना जिले के खुसरूपुर में एक सूदखोर और उसके सहयोगियों द्वारा एक दलित महिला को निर्वस्त्र कर...