लोकतंत्र खतरे में! नामी-गिरामी और जाने-माने बुद्धिजीवी क्या कहते हैं!

निश्चित रूप से देश विभिन्न मोर्चों पर जूझ रहा है। खासकर लोकतांत्रिक मोर्चा पर सियासी तूफान और… Read More

‘ताकि सनद रहे आपातकाल में लोकसभा’ की समीक्षा:  लोकतंत्र के काले और भयावह दौर में लोकसभा की कार्यवाही

राजगोपाल सिंह वर्मा का नाम आज किसी तआरुफ़ का मोहताज नहीं। बीते पांच साल में ऐतिहासिक सब्जेक्ट… Read More

न्यायपालिका में आम आदमी का विश्वास बनाए रखने के लिए हमें अपना कर्तव्य निभाना चाहिए: जस्टिस सुधांशु धूलिया

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने कहा कि यह… Read More

कुलपति महिला, मगर ‘स्त्री अध्ययन विभाग’ नदारद, फाल्के की धरा पर ‘फिल्म अध्ययन विभाग’ की वापसी कब?

शैक्षणिक संस्थानों में भीतर चल रही राजनीति पर न तो मुख्य धारा की मीडिया बहस करती है… Read More