Sunday, March 3, 2024

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नई शिक्षा नीति, सुल्ताना डाकू और प्रेमचंद में आखिर क्या हो सकता है रिश्ता?

140 वर्ष पूर्व पैदा हुए प्रेमचंद के लेखन और अब घोषित शिक्षा नीति में क्या संगत सम्बन्ध हो सकता है? गांधी के दांडी मार्च (12 मार्च-6 अप्रैल), सविनय अवज्ञा आन्दोलन के समानांतर प्रेमचंद ने ‘हंस’ के अप्रैल 1930 अंक...

भारत-नेपाल विवाद और कालापानी का सच

नवम्बर 1814 से मार्च 1816 तक नेपाल (जिसे उस समय गोरखा अधिराज्य कहा जाता था) और भारत पर शासन कर रही ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच युद्ध चला जिसमें नेपाल को पराजय का सामना करना पड़ा। 4 मार्च 1816...

क्यों असफल हो रही है मोदी की विदेश नीति?

कोरोना संकट के दौरान अगर आप ने अख़बारों को ध्यान से पढ़ा होगा तो एक ‘पैटर्न’ आप ने ज़रूर नोटिस किया होगा। बहुत सारे लेख ऐसे प्रकाशित किए गये जिनमें इस बात का दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र...

आर्थिक आत्मनिर्भरता : भाषण नहीं लोकोन्मुखी बदलाव से आएगी

घर-वापसी के लिए निकले मजदूरों के प्रति सामान्य राय है कि वे रोज कमाने-खाने वाले लोग हैं। यह कोई नहीं पूछ रहा कि हमारे अर्थतंत्र में आखिर कौन-सी कमी है जो अपने मेहनतकश वर्ग को आपद्काल में दो-चार महीने...

कोरोना जनित मोदी काल में नाजुक दौर में पहुंची देश की स्वास्थ्य और शिक्षा: आरटीई फोरम

पटना। 26 मई को राइट टू एजुकेशन फोरम के बिहार चैप्टर द्वारा “बिहार में शिक्षा और बाल अधिकारों का परिदृश्य : कोरोना संकट और लॉक डाउन का विशेष संदर्भ” विषय पर एक ज़ूम वेब संवाद का आयोजन किया गया,...

क्या कोरोना की चुनौती का सामना कर पाएंगे सत्ताधीश?

कोरोना शायद पहली विपदा है जिसने मानवीय जीवन को संचालित करने वाली सभी संस्थाओं को बुरी तरह झकझोर दिया है। इसमें राजनीतिक, आर्थिक तथा  धार्मिक संस्थाएं शामिल हैं। सबसे ज्यादा असुरक्षा धार्मिक संस्थाओें में दिखाई दे रही है। इसके...

केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ वाम कतारें उतरीं सड़कों पर

नई दिल्ली/पटना। देश में गहराते आर्थिक संकट, भयानक मंदी और अर्थव्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्रों में गिरावट के खिलाफ वाम दलों की ओर से आज राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके तहत देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम में हुए। राजधानी दिल्ली...

सरकारी खजाने में सबसे ज्यादा पैसा देने वाले सोनभद्र और मिर्जापुर के लोग खा रहे हैं घास, पत्तियां और चकवड़

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली विशिष्ट इलाके रहे हैं। यह इलाका संघर्ष और जनांदोलन का विभिन्न स्वरूप अख्तियार करता रहा है। इनमें से दो जिलों सोनभद्र और चंदौली को भारत सरकार के नीति आयोग ने देश के सर्वाधिक पिछड़े जिलों के रूप में...

गहराता आर्थिक संकट और भारत की विदेश नीति

नोटबंदी की तरह के घनघोर मूर्खतापूर्ण क़दम के अलावा भारत की अर्थ-व्यवस्था को डुबाने में मोदी सरकार की विदेशनीति का कम बड़ा योगदान नहीं है । आज भारत अपने उन सभी पड़ोसी देशों नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका से...

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आदर्श का औपचारिक बनकर रह जाना भावात्मक और बौद्धिक दुर्गति की कथा लिखता है

केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रेस वार्ता में राजनीतिक दलों एवं प्रचारकों से अनुरोध और अपील किया है कि आदर्श...