Monday, October 25, 2021

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मोदी के 7 साल: उपलब्धियों के नाम पर बिग जीरो और हर मोर्चे पर नाकामियां

30 मई को मोदी के शासन काल के 7 वर्ष पूरे हो गए, प्रस्तुत है उनकी उपलब्धियों का एक संक्षिप्त आकलन  आर्थिक उपलब्धियां   गरीबी- इस बीच भारत 23 करोड़ और लोग गरीबी रेखा के नीचे धकेल दिए गए। ये लोग इसके...

हिंदी दिवस सिर्फ एक फालतू कर्मकांड ही नहीं, राष्ट्रीय क्षति भी!

लंबे समय तक मैं हिंदी दिवस के कार्यक्रमों में जाया करता था। एक हिंदी पत्रकार होने के नाते मुझे इस मौके पर हर साल कभी कोई सरकारी संस्थान बुलाता, कभी किसी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग तो कभी...

उत्तर प्रदेश में श्रम विरोधी विधेयक के खिलाफ वर्कर्स फ्रंट ने किया पूरे सूबे में विरोध प्रदर्शन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में बिना वोटिंग कराए हुए ही उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद संशोधन विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश कारखाना अधिनियम संशोधन विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश कतिपय श्रम विधियों में अस्थाई छूट संशोधन विधेयक 2020 और...

घातक नशे के लिए क्यों नहीं है कोरोना जैसी सरकारी सक्रियता?

कोरोना संक्रमण आज महामारी के रूप में आ खड़ा हुआ है। दुनिया भर के देशों की सरकारें इसकी रोकथाम के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। उठाने भी चाहिए। किसी भी सरकार द्वारा नेकनीयती से जनहित में उठाये...

किसानों के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू करे सरकारः दारापुरी

लखनऊ। ओलावृष्टि, चक्रवात, तूफान और भीषण वर्षा से तबाह हुए किसानों को तत्काल राहत देने के संबंध में पूर्व आईजी और मजदूर किसान मंच के अध्यक्ष एसआर दारापुरी ने मुख्यमंत्री को ईमेल से पत्र भेजा है। पत्र में दारापुरी...

सोने का अंडा देने वाली मुर्गी एलआईसी को जबा करने की तैयारी

नए साल में एलआईसी फिर एक बार मुश्किलों में घिरी नजर आ रही है। मार्केट के बड़े-बड़े डिफॉल्टरों जैसे अनिल अंबानी की कंपनियों और डीएचएफएल के डूबने का असर एलआईसी पर अब दिखने लगा है। एलआईसी ने मार्च में...

तबाही के कगार पर पहुंच गयी हैं कभी फायदा देने वाली देश की नवरत्न कंपनियां

कोई माने या न माने पर यह सच है कि मोदी राज में सबसे ज्यादा गड्ढे में कोई गया है तो वह PSU यानी सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी कम्पनियां ही हैं। ये कंपनियां भीषण वित्तीय संकट की तरफ बढ़ती दिख रही हैं। आमदनी के...
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एक्टिविस्ट ओस्मान कवाला की रिहाई की मांग करने पर अमेरिका समेत 10 देशों के राजदूतों को तुर्की ने ‘अस्वीकार्य’ घोषित किया

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, फ़्रांस, फ़िनलैंड, कनाडा, डेनमार्क, न्यूजीलैंड , नीदरलैंड्स, नॉर्वे...
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