Marx

कइयों को मार्क्स पूरी तरह स्वीकार्य हैं, लेनिन किंतु-परंतु के साथ; लेकिन कॉमरेड स्टालिन बिलकुल नहीं, आखिर वजह क्या है?

किसी क्रांतिकारी से क्रांतिकारी दर्शन-विचार की सैद्धांतिक और औपचारिक स्वीकृति कोई बहुत मुश्किल भरा काम नहीं होता… Read More

पुस्तक समीक्षा: समतावादी आंदोलनों को नई ऊर्जा देने की कोशिश

हमारी सभ्यता अपनी कालगणना में जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का विमर्श… Read More

प्रेमचंद: किसान-मजदूर और पिछड़े-दलितों के प्रतिनिधि रचनाकार 

आज महान कथा सम्राट और उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद का 143वां जन्मदिन है। महज 56 वर्ष की उम्र… Read More