Sunday, October 24, 2021

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Marx

बच्चे पालने के सवाल पर स्त्री और पुरुष के बीच पैदा हुआ पहला श्रम विभाजन

मानव विज्ञान में खुद को लगा देने का उनका संकल्प महज किसी बौद्धिक उत्सुकता का परिणाम नहीं था । इसका गहरा राजनीतिक-सैद्धांतिक मकसद था । गहन ऐतिहासिक ज्ञान के आधार पर वे वास्तविकता के सबसे करीब के उस क्रम...

भारतीय समाज में मार्क्स से पहले सैकड़ों हजारों ज्योतिबा की जरूरत है

वैश्विक संदर्भों में कई बार ये सवाल उठता है कि आखिर भारत में इतनी असमानता और गरीबी होने के बावजूद, ये तबका वर्ग संघर्ष की कसौटी पर एकजुट क्यों नहीं हो सका? इतनी बड़ी संख्या में मजदूर और गरीब...

धर्म उत्पीड़ित की आह है, हृदयविहीन दुनिया का हृदय है: मार्क्स

मार्क्सवाद समाज को समझने का विज्ञान और उसे बदलने का आह्वान है। समाज के हर पहलू पर इसकी सत्यापित स्पष्ट राय है, धर्म पर भी। ‘हेगेल के अधिकार के दर्शन की समीक्षा में एक योगदान’ में मार्क्स ने लिखा...

कम वेतन पाने वाला पत्रकार अधिक खतरनाक होता है!

पत्रकारों को कम वेतन नहीं देना चाहिए। कम वेतन पाने वाला पत्रकार अधिक खतरनाक हो सकता है। कभी यह रोचक निष्कर्ष निकाला था, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने। कार्ल मार्क्स पर उनकी यह एक रोचक टिप्पणी है।...

गांधी के सिपाही और नेहरू के साथी लोहिया

राम मनोहर लोहिया ने आजाद भारत में सत्ता से सवाल पूछना सिखाया और सत्ता के खिलाफ रहकर भारतीय राजनीति के साथ भारतीयों के मन-कर्म पर गहरा प्रभाव छोड़ा। वह हमेशा समाज और सरकार को एक साथ, एक रास्ते पर...

भगत सिंह के प्रिय दार्शनिक-चिंतक और साहित्यकार

अरे! बेकार की नफरत के लिए नहीं,न सम्मान के लिए, न ही अपनी पीठ पर शाबासी के लिएबल्कि लक्ष्य की महिमा के लिए,किया जो तुमने भुलाया नहीं जाएगा साढ़े तेईस वर्ष की उम्र में 23 मार्च 1931 को फांसी पर...

संघर्ष और समाधान: गांधीवादी परिप्रेक्ष्य

(यह लेख डीएवी महिला कॉलेज, यमुना नगर, हरियाणा में 'संघर्ष और समाधान: गांधीवादी परिप्रेक्ष्य' (Conflict and Conflict Resolution : A Gandhian Perspective) विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बीज भाषण (Key-note Address) के रूप में पढ़ा गया था। अमेरिका में...

अंडरस्टैंडिंग मार्क्स भाग-3: किसान को वर्किंग क्लास समझा जाए या बिजनेसमैन?

(अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड डी वुल्फ के यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो से तीसरी किस्त। अपनी किताब `अंडरस्टैंडिंग मार्क्स` के संदर्भ में अपलोड किए गए इस वीडियो के जरिये वुल्फ ने मार्क्सवाद को आसान ढंग से समझाने की कोशिश की है। इसे हिन्दी...

दुनिया की बेहतरी में यक़ीन है तो मार्क्सवाद ज़रूरी है

(अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड डी वुल्फ का अपनी किताब `अंडरस्टैंडिंग मार्क्स` के संदर्भ में यूट्युब पर दो घंटे का वीडियो है जिसमें मार्क्सवाद को बेहद आसान तरीक़े से समझाने की कोशिश की गई है। उसी वीडियो से मैंने ये हिस्सा...

मई दिवस : संघर्ष की याद और संकल्पों का दिन

यदि तुम सोचते हो कि हमें फांसी पर लटकाकर तुम मजदूर आंदोलन को, गरीबी, बदहाली और विपन्नता में कमरतोड़ परिश्रम करने वाले लाखों लोगों के आंदोलन को-कुचल डालोगे....अगर तुम्हारी यही राय है तो हमें खुशी-खुशी फांसी के तख्ते पर...
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कोविड काल के दौरान बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का हुआ बड़े स्तर पर ह्रास

कोविड काल में बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का काफी बड़ा नुकसान हुआ है। इसका खुलासा ज्ञान विज्ञान समिति...
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