Tuesday, October 19, 2021

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बीच बहस

जम्हूरियत भी बंधक है लखीमपुर खीरी हिंसा में

हम किस और कैसे लोकतंत्र में हैं इसका हालिया उदाहरण लखीमपुर खीरी के हत्याकांड के आईने में है। सत्तालोभी गुनहगारों ने अपना खेल खेला और अब इस घमंड में हैं कि कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकता। बतौर सुबूत...

लखीमपुर खीरी हिंसा पर सर्वोच्च सिख धार्मिक संगठन भी सक्रिय

लखीमपुर खीरी हिंसा पर पंजाब में जबर्दस्त उबाल है। गैर भाजपाई तमाम सियासी दल और किसान-मजदूर संगठन अपने-अपने तईं हिंसा का विरोध कर रहे हैं। वहीं अब सर्वोच्च सिख धार्मिक संस्थाएं भी आगे आ गई हैं। इनमें प्रमुख श्री...

किसान आंदोलन को जीत की मंजिल तक पहुंचाने का कार्यभार इस दौर का हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिए : दीपंकर भट्टाचार्य

लखनऊ। भाकपा (माले) का तीन दिवसीय 13 वां राज्य सम्मेलन हरगांव (सीतापुर) में सोमवार को शुरू हुआ। शुरू होने के साथ ही सम्मेलन, लखीमपुर खीरी में शनिवार को हुई किसानों की हत्या के विरोध में प्रतिवाद दर्ज कराते हुए...

नॉर्थ ईस्ट डायरी: त्रिपुरा में टीएमसी बन रही है बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने त्रिपुरा में भाजपा की बिप्लब देब सरकार के खिलाफ आक्रामक शुरुआत की है। इसने न केवल जमीनी बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी राज्य की भाजपा सरकार पर आक्रामक हमले...

इन तल्ख हकीकतों की नींव पर अपनी लोकलुभावन योजनाएं कैसे खड़ी करेंगे श्रीमान?

नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले साल किसानों को देश भर में कहीं भी ई-प्लेटफार्मों पर अपनी उपज बेचने की ‘अनुमति’दी तो इसे उनके लिए ‘बेहद बड़ी राहत’बताया था। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तो यहां तक कह डाला...

मनुष्य के अस्तित्व से जुड़ गए हैं गांधी और गांधीवाद

साम्प्रदायिक एकता गांधी जी के लिए महज एक आदर्श नहीं थी वह उनकी आत्मा में रची बसी थी। साम्प्रदायिक सद्भाव तथा समरसता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की कल्पना इसी बात से की जा सकती है कि अपने जीवन के...

राजनीतिक विराटता के साथ अद्भुत थी गांधी जी की सामाजिक व्यापकता

बीसवीं सदी के इतिहास पर जब भी चर्चा छिड़ेगी, महात्मा गांधी की स्थिति उस कालखंड की सबसे महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में मानी जायेगी। उनका योगदान भारत के स्वाधीनता संग्राम में तो है ही, पर उनका सबसे बड़ा योगदान...

पुरखों को गोद लेने की चतुराई वंश बेल बताने नहीं, विषबेल फैलाने के लिए है

दुनिया भर में वंश चलाने के लिए वारिस गोद लेने का रिवाज है। जो संतानहीन होते हैं या स्वयं की संतान को जन्मने के झंझट से बचना चाहते हैं वे वारिस को गोद ले लेते हैं। मगर ब्रह्माण्ड की...

बार एसोसिएशन के चुनावों को हाइजैक करने की अनुमति किसी को नहीं

उच्चतम न्यायालय के जस्टिस एमआर शाह और एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा है कि जो बाहरी लोग संबंधित अदालत के समक्ष नियमित रूप से प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं उन्हें बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया में भाग लेकर...

प्रोफेसर योगेश त्यागी के लिए विदाई नोट

दिल्ली विश्वविद्यालय में छह महीने के इंतजार के बाद नए कुलपति की नियुक्ति हो गई है। प्रो. योगेश सिंह कुलपति कार्यालय से अगले पांच साल तक दिल्ली विश्वविद्यालय का संचालन करेंगे। उनके पहले के कुलपति प्रो. योगेश त्यागी अपने...

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अखिलेश की ‘विजय यात्रा’ के मायने

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के उपाध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र सिंह...