सांस्कृतिक प्रतिरोध तब दुविधाग्रस्त हो जाता है जब उसे जरूरतों से नहीं भाषा की शिष्टता में उलझा… Read More
बीच बहस
25 जुलाई की रात। ग्यारह बज चुके हैं। मैं मंजू के साथ जंतर-मंतर पर बैठा हुआ हूँ।… Read More
पहले हाल के छात्र आंदोलन को देख लीजिए। अभिजीत दीपके के द्वारा शुरु और तीन-चार लोगों के… Read More
अचानक पुरानी हिंदी फिल्मों के गाने याद आने लगे। 1954 में ‘जागृति’ फिल्म आई थी। उसका एक… Read More
“यू कैन ब्रेक आवर बॉडीज, बट नॉट बैडीज।” (जंतर-मंतर पर जेन ज़ी प्रदर्शनों से निकला एक प्रतिनिधि नारा)… Read More
इन दिनों उत्तरप्रदेश के रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेशद्वार पर धरना जारी है। समाजवादी पार्टी… Read More
जब सड़कों पर बेरोजगार युवा लाठियां खाते हैं, तब नेताओं, सांसदों और बड़े अफसरों के बच्चे कहां… Read More
सचिन तेंदुलकर, सलमान खान एक के बाद एक सेलिब्रिटीज के “हमारे प्यारे छात्र…” मार्का बयान आ रहे… Read More
ऐसे समय में जब एक के बाद एक संस्थाओं को घुटने के बल बैठा दिया गया है।… Read More
दिल्ली में लाठीचार्ज देखकर अहमदाबाद और वडोदरा में अचानक उबल पड़े मेरे प्यारे जेन-ज़ी पीढ़ी के युवा… Read More