Monday, January 24, 2022

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भारत में फैलती जा रही है भ्रष्टाचार की विषबेल

वर्ष की शुरुआत में ट्रांस्पेरेन्सी इंटरनेशनल द्वारा जारी करप्शन पर्सेप्शन्स इंडेक्स- 2020 में भारत को 180 देशों की सूची में 86वें पायदान पर रखा गया है। गौरतलब है कि हर साल दुनिया भर में भ्रष्टाचार की स्थिति को बताने वाला यह...

गोपनीयता कानून, खोजी पत्रकारिता और राफेल के बीच रिश्ता

मीडियापार्ट, फ्रांस की एक खोजी पत्रिका है जिसने राफेल के सौदे पर पहली बार घोटाले का संकेत दिया था, जब उसने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद के हवाले से यह खबर छापी थी कि, नए और संशोधित सौदे में...

न्यायपालिका की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता:चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस एनवी रमना ने स्पष्ट कर दिया कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर न्यायपालिका को कार्यपालिका और विधायिका द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है,क्योंकि...

चुनाव अत्याचार को खत्म करने की गारंटी नहीं: चीफ जस्टिस एनवी रमना

"कोविड-19 महामारी के कारण पूरी दुनिया के सामने आ रहे ‘अभूतपूर्व संकट’ को देखते हुए, हमें आवश्यक रूप से रुक कर खुद से पूछना होगा कि हमने हमारे लोगों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए ‘कानून के...

मोदी तंत्र के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है भारतीय लोकतंत्र

प्रधानमंत्री मोदी, उनके सिपहसालार अमित शाह और उनके राजनीतिक तथा वैचारिक अभिभावक आरएसएस ने शायद ही सोचा होगा कि 2021 का साल आते ही भारत का वह लोकतंत्र, जिसे उन्होंने सुला देने की दम भर कोशिश की थी, उठ...

विरोध को कुचलने का हथियार बन गयी है राजद्रोह की धारा 124ए

"प्रधानमंत्री आतंकी हमले और मौत का इस्तेमाल वोट के लिए कर रहे हैं"  यही वो बयान है जो वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ ने अपने यूट्यूब शो में कहा था, जिसके आधार पर उन पर राजद्रोह का मुकदमा दायर किया गया...

सुप्रीम कोर्ट ने दिए कार्यपालिका को उसकी लक्ष्मण रेखा याद दिलाने के संकेत

एक अरसे बाद उच्चतम न्यायालय की यह टिप्पणी कि “हमारा संविधान अदालतों को मूक दर्शक बने रहने की परिकल्पना नहीं करता है, जब नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कार्यकारी नीतियों द्वारा किया जा रहा हो" उन सभी लोगों, एक्टिविस्टों और कानून के...

देश के न्यायिक इतिहास में कई बदतर मिसालें दर्ज कर गए जस्टिस बोबडे

भारत के 47वें प्रधान न्यायाधीश पद से शरद अरविंद बोबडे सेवानिवृत्त हो गए हैं। 23 अप्रैल को उनके कार्यकाल का आखिरी दिन था। करीब 17 महीने पहले जब उन्होंने प्रधान न्यायाधीश का पदभार संभाला था, उस वक्त देश की...

रक्षा सौदों में सरकार की तारनहार रही है न्यायपालिका

जिस तरह से उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे में मोदी सरकार को क्लीन चिट दी और इसके पहले हुए बोफोर्स सौदे में कम से कम पांच अवसरों पर उच्चतम न्यायालय? दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को ख़ारिज कर दिया। इससे...

भारत स्वतंत्र देशों की सूची से ही बाहर हो गया

पिछले कुछ वर्षों से भारत के लिए गर्व करने वाले विषयों का अकाल सा पड़ा हुआ है और गरीबी, भूख, प्रेस स्वतंत्रता, मानव विकास सूचकांक आदि सभी रिपोर्टों में देश की स्थिति निरंतर दयनीय होती जा रही है। लेकिन...
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क्या चन्नी बेईमान और केजरीवाल ईमानदार आदमी है!

20 जनवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बेईमान आदमी बताया।...
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